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Hamirpur (Himachal) News: क्लस्टर प्रभारी करेंगे प्राथमिक स्कूलों का विकास
Sat, 10 Jan 2026 01:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:25 AM IST
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हमीरपुर। प्राथमिक स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। पहल के तहत अब क्लस्टर प्रभारी अपने क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में विकास कार्य करवा सकेंगे। कार्य के लिए स्कूलों को बार-बार आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
क्लस्टर प्रभारी कार्यों का खर्च स्कूल के लिए उपलब्ध फंड से ही कर सकेंगे। कार्य के बाद क्लस्टर प्रभारी को संबंधित स्कूलों की सूची निदेशालय को प्रेषित करनी होगी। निदेशालय स्तर से कमेटी स्कूलों में हुए कार्यों का जायजा लेगी। इसके उपरांत प्रभारियों को बजट जारी किया जाएगा। इस पहल के लागू होने से स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल, मरम्मत एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास संभव हो सकेगा।
वर्तमान में जिले में 100 क्लस्टर स्कूलों के अधीन 429 प्राथमिक, 118 माध्यमिक और 69 उच्च स्कूल हैं। स्कूलों में मरम्मत व विकास कार्यों के लिए शिक्षकों को अक्सर क्लस्टर के माध्यम से शिक्षा निदेशालय में मांग भेजनी पड़ती है। मांग के बाद स्कूलों को बजट मंजूर होने में छह से सात माह तक का समय लग जाता है।
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ऐसे में समस्या के समाधान के लिए अब विभाग ने पहल शुरू की है। इससे अब स्कूल क्लस्टर प्रभारी जरूरत के अनुसार फंड से विकास कार्य करवा सकेंगे, जिससे प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और विकास कार्य भी सुचारू रूप से हो सकेंगे।
कोट
क्लस्टर प्रभारियों को निजी तौर पर अपने अधीन आने वाले स्कूलों में विकास कार्य करवाने के निर्देश दिए गए हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्माण कार्यों की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि फंड का सही उपयोग हो। -कमल किशोर,उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर
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क्लस्टर प्रभारी कार्यों का खर्च स्कूल के लिए उपलब्ध फंड से ही कर सकेंगे। कार्य के बाद क्लस्टर प्रभारी को संबंधित स्कूलों की सूची निदेशालय को प्रेषित करनी होगी। निदेशालय स्तर से कमेटी स्कूलों में हुए कार्यों का जायजा लेगी। इसके उपरांत प्रभारियों को बजट जारी किया जाएगा। इस पहल के लागू होने से स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, पेयजल, मरम्मत एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास संभव हो सकेगा।
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वर्तमान में जिले में 100 क्लस्टर स्कूलों के अधीन 429 प्राथमिक, 118 माध्यमिक और 69 उच्च स्कूल हैं। स्कूलों में मरम्मत व विकास कार्यों के लिए शिक्षकों को अक्सर क्लस्टर के माध्यम से शिक्षा निदेशालय में मांग भेजनी पड़ती है। मांग के बाद स्कूलों को बजट मंजूर होने में छह से सात माह तक का समय लग जाता है।
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ऐसे में समस्या के समाधान के लिए अब विभाग ने पहल शुरू की है। इससे अब स्कूल क्लस्टर प्रभारी जरूरत के अनुसार फंड से विकास कार्य करवा सकेंगे, जिससे प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और विकास कार्य भी सुचारू रूप से हो सकेंगे।
कोट
क्लस्टर प्रभारियों को निजी तौर पर अपने अधीन आने वाले स्कूलों में विकास कार्य करवाने के निर्देश दिए गए हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्माण कार्यों की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि फंड का सही उपयोग हो। -कमल किशोर,उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर