फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   civic amenities

काले बिल्ले लगाकर प्रदेश के चिकित्सक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे: डॉ. वर्मा

Sat, 08 Aug 2020 11:24 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश चिकित्सक संघ की वर्चुअल बैठक शनिवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जीवानंद चौहान की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रदेश महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने किया। बैठक में एकमत से निर्णय लिया गया कि सारे प्रदेश के चिकित्सक जिसमें मेडिकल कॉलेज की आरडीए भी शामिल हैं, तब तक काले बिल्ले लगाकर काम करते रहेंगे जब तक प्रदेश सरकार अनुबंध कर्मचारियों को मिलने वाले ग्रेड पे को अनुबंध पर लगे चिकित्सकों को जारी करने के आदेश नहीं दे देती। फिलहाल के लिए संघ ने पेन डाउन हड़ताल को अगले आदेशों तक आगे बढ़ा दिया है।
विज्ञापन

संघ के सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया कि उन्होंने कांगड़ा जिला के दौरे में अपनी व्यस्तता के बावजूद स्वास्थ्य सचिव को तुरंत इन अनुबंध चिकित्सकों की रिकवरी रोकने को कहा। इसलिये संघ के सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि अभी रिकवरी को और आगे वेतन काटने को कुछ समय के लिए सरकार की तरफ से अगले आदेशों तक स्थगित किया गया है। उस को ध्यान में रखते हुए और प्रदेश में तेजी से फैलती इस कोरोना महामारी के मद्देनजर और अपने प्रदेश की जनता के हित को देखते हुए फैसला लिया है कि पूरे प्रदेश के चिकित्सक और सारी मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर काम करते रहेंगे। जब तक कि अनुबंध चिकित्सा कर्मियों की ग्रेड पे के लिखित आदेश जारी नहीं किए जाते। इसके अलावा सरकार के विशेषज्ञ चिकित्सकों को मात्र ख40 हजार पर नियुक्ति करने पर भी विरोध जताया और मांग की गई कि इन अनुबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ अगर सरकार ने बांड भरवाया है तो उनको उनके विशेषज्ञता के अनुसार एक पद-एक वेतन के साथ नियुक्ति दी जाए। उनका इस तरह से शोषण ना किया जाए।
विज्ञापन

चिकित्सक संघ ने सरकार के उस अधिसूचना का भी एक मत से विरोध किया है जिसमें बार-बार मेडिकल कॉलेज में सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाया जा रहा है। यह प्रदेश के होनहार चिकित्सकों के हितों पर कुठाराघात है। सरकार से निवेदन किया गया कि सेवानिवृत्ति की आयु मेडिकल कॉलेज में 62 वर्ष ही रहनी चाहिए और अगर किसी व्यक्ति विशेष की जरूरत मेडिकल कॉलेज में है तो उसके लिए प्रदेश सरकार की अनुबंध नीति पहले से ही मौजूद है। उस अनुबंध नीति के आधार पर उन विशेषज्ञ चिकित्सकों उनके संबंधित विभाग में अनुबंध पर उनके पद अनुसार अनुबंधित किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed