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Hamirpur (Himachal) News: नए श्रम कोड के खिलाफ हमीरपुर में सड़कों पर उतरे सीटू कार्यकर्ता

Fri, 19 Jul 2024 04:39 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:39 AM IST
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CITU workers took to the streets in Hamirpur against the new labor code.
सीटू के बैनर तले महिलाएं विरोध प्रदर्शन करते हुए। संवाद
मजदूरों ने तहसील कार्यालय से गांधी चौक तक निकाली रोष रैली
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जिलाधीश हमीरपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री को मांगों को लेकर भेजा ज्ञापन
कहा, नए लेबर कोड को लागू करने से 74 फीसदी मजदूर सामाजिक सुरक्षा से हो जाएंगे बाहर

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। सीटू के अखिल भारतीय आह्वान पर वीरवार को हमीरपुर शहर में मजदूरों ने रोष रैली निकाली। नए श्रम कोड के खिलाफ मजदूरों ने तहसील कार्यालय से गांधी चौक तक रोष रैली निकालकर केंद्र सरकार से इसे रद्द करने की मांग की है। सभा की ओर से जिलाधीश के माध्यम से प्रधानमंत्री को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भेजा। जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि नई मोदी सरकार ने जो 100 दिन का एजेंडा तय किया है उसमें चार नए श्रम कोड लागू करने जा रही है। ये मजदूरों के लिए गुलामी का फंदा है और मजदूरों ने लंबी लड़ाई और कुर्बानी के बाद हासिल किए सुरक्षा के अधिकारों को खत्म करने की साजिश है। इन चार नए लेबर कोड को लागू करने से देश के 74 फीसदी मजदूर सामाजिक सुरक्षा और 70 फीसदी उद्योग कानून के दायरे से ही बाहर हो जाएंगे। नए लेबर कोड में हड़ताल करने पर मजदूरों को वैसे ही सख्त सजा का प्रावधान है। जैसे कि ट्रांसपोर्ट मालिकों और ड्राइवर के लिए दुर्घटना की स्थिति में मोटर व्हीकल एक्ट में किया गया है। केंद्र सरकार ने फिक्स्ड टर्म रोजगार की अधिसूचना पहले ही जारी कर दी है। इससे मजदूर नियमित रोजगार से वंचित हो जाएंगे। मजदूरों को काम के लिए समय सीमा आठ घंटे से बढ़कर 12 घंटे करने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। उन्होंने मांग की है कि नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन को खत्म कर सार्वजनिक उपक्रमों की सेवाओं के निजीकरण को बंद किया जाए। सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 प्रति माह लागू करें।असंगठित श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक व्यापक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करें। मनरेगा बजट में बढ़ोतरी करें। मोटर व्हीकल एक्ट में ट्रांसपोर्ट मलिक और ड्राइवरों के लिए भारी जुर्माना और सजा के बदलाव को रद्द करें। बढ़ती महंगाई पर रोक लगाएं। खाद्य वस्तुओं, रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल आदि की कीमतें कम करें। अनुबंध, आउटसोर्स, ठेका, फिक्स टर्म, कैजुअल, टेंपरेरी, मल्टीटास्क, मल्टीपर्पज श्रमिकों के लिए नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। एक समान काम का एक समान वेतन दें। अग्निवीर और अन्य निश्चित अवधि के रोजगार को समाप्त करें। इस दौरान सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ कश्मीर सिंह ठाकुर, जिला सचिव जोगिंद्र कमार, रंजन शर्मा, जितेंद्र धीमान, राजकुमारी, मीरा खान, नवीन कुमार पंकज, धर्म सिंह, मदन आदि ने भी संबोधित किया और सैकड़ों मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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