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Hamirpur (Himachal) News: बच्चा लेकर अनशन में पहुंची अभ्यर्थी मां, तख्तियां पर लिखा...परिणाम या जहर दो
Tue, 23 Jul 2024 05:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 23 Jul 2024 05:27 AM IST
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राज्य चयन आयोग हमीरपुर कार्यालय के बाहर बच्चे को गोद में लेकर धरने पर बैठी अभ्यर्थी मां। -संवा
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के कार्यालय के बाहर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी पोस्ट कोड-817 के अभ्यर्थियों का क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा है। इस दौरान अभ्यर्थी परिणाम दो या जहर दो की तख्तियां लेकर धरने पर डटे रहे। नन्हें बच्चे को गोदी में लिए अभ्यर्थी मां भी क्रमिक अनशन में शामिल हुई।
वर्तमान में इस परीक्षा का परिणाम घोषित किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण है। अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया और मेरिट और अभ्यर्थियों की प्राथमिकता के आधार पर विभागों का आवंटन किया जा रहा है। पेपर लीक प्रकरण और मामले के कोर्ट में चले जाने के कारण परिणाम घोषित होने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। ऐसे अब अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूट चुका है।
इससे पूर्व भी अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं इस मामले में राज्य चयन आयोग को भर्ती को कुछ माह पूर्व भी सौंपा गया है। जून माह में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का मूल्यांकन किया गया है ऐसे में अब अभ्यर्थियों की मांग है कि विभागों का आवंटन भी जल्द से जल्द किया जाए। इस पोस्ट कोड के तहत प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्ड और निगमों में जेओए के 1855 पद भरे जाएंगे।
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ऐसे में विभागों का आवंटन करने के लिए भी आयोग को खूब मशक्कत करनी पड़ रही है। साल 2020 में पोस्ट कोड 817 के तहत 1867 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। लिखित परीक्षा के बाद से मामला कोर्ट में पहुंच गया। इस बीच पेपर लीक मामला में भंग आयोग के समय सामने आ गया।
प्रदेश में आयोजित अब तक की यह सबसे बड़ी परीक्षा थी, लेकिन कानूनी पेचीदगियों में बेरोजगार उलझ कर रह गए हैं। अब नवगठित राज्य चयन आयोग को भर्ती का जिम्मा दिया गया है। वहीं, आश्वासन के बावजूद अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित न होने से अभ्यर्थी आक्रोशित हैं। उधर आयोग के अधिकारी और कर्मचारी अवकाश के दिन भी चयनित अभ्यर्थियों को विभागों के आवंटन के कार्य को करने में जुटे हुए हैं।
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वर्तमान में इस परीक्षा का परिणाम घोषित किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण है। अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया और मेरिट और अभ्यर्थियों की प्राथमिकता के आधार पर विभागों का आवंटन किया जा रहा है। पेपर लीक प्रकरण और मामले के कोर्ट में चले जाने के कारण परिणाम घोषित होने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है। ऐसे अब अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूट चुका है।
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इससे पूर्व भी अभ्यर्थी धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं इस मामले में राज्य चयन आयोग को भर्ती को कुछ माह पूर्व भी सौंपा गया है। जून माह में चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का मूल्यांकन किया गया है ऐसे में अब अभ्यर्थियों की मांग है कि विभागों का आवंटन भी जल्द से जल्द किया जाए। इस पोस्ट कोड के तहत प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्ड और निगमों में जेओए के 1855 पद भरे जाएंगे।
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ऐसे में विभागों का आवंटन करने के लिए भी आयोग को खूब मशक्कत करनी पड़ रही है। साल 2020 में पोस्ट कोड 817 के तहत 1867 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। लिखित परीक्षा के बाद से मामला कोर्ट में पहुंच गया। इस बीच पेपर लीक मामला में भंग आयोग के समय सामने आ गया।
प्रदेश में आयोजित अब तक की यह सबसे बड़ी परीक्षा थी, लेकिन कानूनी पेचीदगियों में बेरोजगार उलझ कर रह गए हैं। अब नवगठित राज्य चयन आयोग को भर्ती का जिम्मा दिया गया है। वहीं, आश्वासन के बावजूद अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित न होने से अभ्यर्थी आक्रोशित हैं। उधर आयोग के अधिकारी और कर्मचारी अवकाश के दिन भी चयनित अभ्यर्थियों को विभागों के आवंटन के कार्य को करने में जुटे हुए हैं।