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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   ASHA workers are reaching door to door to prevent diarrhea and pneumonia.

Hamirpur (Himachal) News: डायरिया-निमोनिया से बचाव के लिए घर-घर पहुंच रहीं आशा कार्यकर्ता

Mon, 17 Nov 2025 05:42 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Mon, 17 Nov 2025 05:42 AM IST
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आईडीपीसीएफ कार्यक्रम के तहत 0-5 साल के बच्चों का किया जाएगा कवर
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संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। डायरिया-निमोनिया से बचाव के लिए आशा कार्यकर्ता घर-घर दस्तक दे रही हैं। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर 0-5 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित कर रही हैं। इन बच्चों की माताओं को ओआरएस का घोल तैयार करने की विधि, हाथों की सफाई एवं कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जा रही है। सघन डायरिया एवं निमोनिया पखवाड़े के तहत 12 नवंबर से 15 दिन का कार्यक्रम शुरू किया गया। इसमें जिले की करीब 600 आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया।

सघन डायरिया एवं निमोनिया नियंत्रण पखवाड़ा (आईडीपीसीएफ) के तहत ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो डायरिया और निमोनिया से पीड़ित हैं। अभिभावकों को बीमारियों से बचाव के तरीके बताएं जाएंगे। जरूरत के अनुसार बच्चों को अस्पताल में इलाज करवाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ये गोलियां दी जाएंगी। पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों में डायरिया और निमोनिया जैसे रोग कई बार जानलेवा रूप धारण कर लेते हैं।
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ऐसे में बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह शुरुआत की गई है। ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियों के वितरण के साथ-साथ घरों, स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों की टंकियों और जलस्रोतों की सफाई पर भी विशेष रूप से फोकस किया जाएगा।
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डायरिया होने पर बरतें ये सावधानियां

डायरिया पीड़ित बच्चे को बार-बार ओआरएस का घोल और अन्य तरल पदार्थ देते रहें। 14 दिन तक बच्चे को जिंक गोलियां खिलाते रहें। डायरिया नियंत्रित होने पर भी ये गोलियां खिलाएं। बीमारी के दौरान भी बच्चे को मां का दूध पिलाते रहें। पेयजल और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और बच्चे के मल का तुरंत निष्पादन करें।


कोट

-सघन डायरिया एवं निमोनिया नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम शुरू किया गया है। 15 दिन तक आशा कार्यकर्ता डायरिया-निमोनिया से पीड़ित पांच साल तक के बच्चों की पहचान करेंगी। इस दौरान रोग से बचाव के तरीके बताए जांएगे।-डॉ. प्रवीण चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हमीरपुर
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