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पढ़ाई के साथ छात्राओं को निडर, आत्मनिर्भर और साहसी बनाएं अध्यापक : किरण
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जलाड़ी स्कूल में आयोजित अमर उजाला का अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में एसडीएम के साथ छात?
- फोटो : Hamirpur-HP
नादौन (हमीरपुर)। स्कूलों में छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ अध्यापक निडर, आत्मनिर्भर, साहसी और आत्मरक्षा में सक्षम भी बनाएं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। पढ़ाई के अलावा उन्हें कैरियर, अपने पैरों पर खड़े होने के टिप्स और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए तो भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। ये शब्द अमर उजाला की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जलाड़ी में आयोजित अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान मुख्यातिथि एसडीएम नादौन किरण बढ़ाना (आईएएस) ने कहे। स्कूल प्रधानाचार्य रेणु कौशल ने मुख्य अतिथि किरण बढ़ाना का कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद किया। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान कुलजीत परमार, राकेश, जोगिंद्र सिंह, अशोक कुमार, सीमा डोगरा, सुनील, कुलदीप चंद, रीता, जसवाल, रेखा, बृजेश, अरुणा, सलमा, आशीष धीमान, रामलाल, मीनाक्षी शर्मा, देवराज, वंदना कपूर, कुलदीप शर्मा, अध्यापक और अन्य मौजूद रहे।
स्मार्ट क्लासेस के बारे में बताया
एसडीएम ने उनके द्वारा शुरू की गई स्मार्ट क्लासेस जिसे प्रोत्साहन का नाम दिया गया है, के बारे में भी बताया। प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रों को स्कूल के अलावा कैरियर काउंसलिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं आदि की तैयारी के लिए एसडीएम स्थानीय डिग्री कॉलेज नादौन में सप्ताह में एक दिन टिप्स देती हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि यदि उन्हें कैरियर संबंधी, परीक्षाओं संबंधी कुछ जानकारी लेनी हो तो वे इस स्मार्ट कक्षा में भाग ले सकते हैं।
क्या कहती हैं छात्राएं-
बेटों से कम नहीं बेटियां : कोमल
कोमल कुमारी का कहना है कि बेटियों को बेटों से कम नहीं समझना चाहिए। क्योंकि बेटों की तरह बेटियां भी आज आईपीएस, आईएएस के पदों पर सेवाएं दे रही हैं।
हार न मानने की सीख मिली : अनिता
अनिता कुमारी का कहना है की बेटियां आज के समय में खेलों में पदक प्राप्त कर रही हैं। वह हर क्षेत्र में आगे हैं। उसने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें जीवन में कभी हार न मानने की सीख मिली।
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निडर बनकर अपराध का करें सामना : हीरामती
छात्रा हीरामती ने बताया कि वह अपने किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं। चाहे वह पढ़ाई के क्षेत्र में निर्धारित किया हो या खेलों में। अपराजिता कार्यक्रम में उन्होंने निडर बनने और बिना किसी भय से अपराध का सामना करने की सीख मिली है।
हर कार्य में हो सफलता की चाहत : शालिनी
छात्रा शालिनी ने बताया कि वह आईपीएस बनना चाहती है। लड़कियों को कभी किसी प्रतियोगिता में या जीवन के किसी लक्ष्य को प्राप्त करने में अपराज्य की तरफ न सोचकर हर कार्य पर विजय पाने की चाहत रखनी चाहिए।
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स्मार्ट क्लासेस के बारे में बताया
एसडीएम ने उनके द्वारा शुरू की गई स्मार्ट क्लासेस जिसे प्रोत्साहन का नाम दिया गया है, के बारे में भी बताया। प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रों को स्कूल के अलावा कैरियर काउंसलिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं आदि की तैयारी के लिए एसडीएम स्थानीय डिग्री कॉलेज नादौन में सप्ताह में एक दिन टिप्स देती हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि यदि उन्हें कैरियर संबंधी, परीक्षाओं संबंधी कुछ जानकारी लेनी हो तो वे इस स्मार्ट कक्षा में भाग ले सकते हैं।
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क्या कहती हैं छात्राएं-
बेटों से कम नहीं बेटियां : कोमल
कोमल कुमारी का कहना है कि बेटियों को बेटों से कम नहीं समझना चाहिए। क्योंकि बेटों की तरह बेटियां भी आज आईपीएस, आईएएस के पदों पर सेवाएं दे रही हैं।
हार न मानने की सीख मिली : अनिता
अनिता कुमारी का कहना है की बेटियां आज के समय में खेलों में पदक प्राप्त कर रही हैं। वह हर क्षेत्र में आगे हैं। उसने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से उन्हें जीवन में कभी हार न मानने की सीख मिली।
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निडर बनकर अपराध का करें सामना : हीरामती
छात्रा हीरामती ने बताया कि वह अपने किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करती हैं। चाहे वह पढ़ाई के क्षेत्र में निर्धारित किया हो या खेलों में। अपराजिता कार्यक्रम में उन्होंने निडर बनने और बिना किसी भय से अपराध का सामना करने की सीख मिली है।
हर कार्य में हो सफलता की चाहत : शालिनी
छात्रा शालिनी ने बताया कि वह आईपीएस बनना चाहती है। लड़कियों को कभी किसी प्रतियोगिता में या जीवन के किसी लक्ष्य को प्राप्त करने में अपराज्य की तरफ न सोचकर हर कार्य पर विजय पाने की चाहत रखनी चाहिए।