फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   ACR is being sought for doctors who have passed away in the health department: Union

Hamirpur (Himachal) News: स्वास्थ्य विभाग में स्वर्ग सिधार चुके डाॅक्टरों की मांगी जा रही एसीआर ः संघ

Mon, 29 Jan 2024 02:14 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 02:14 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक रविवार को अध्यक्ष डाॅ. राजेश राणा अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई। इसमें प्रदेश इकाई के साथ-साथ प्रदेश के सभी जिलों के समस्त पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की असमर्थता, असफलता एवं त्रुटियों पर गहन चर्चा की गई।
विज्ञापन


संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की वर्षों से पदोन्नति नहीं हुई है। विभाग में 50 प्रतिशत से अधिक पदों पर पदोन्नति नहीं हो पाई है। विभाग उन चिकित्सा अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) खोज रहा है जो अपनी पदोन्नति का इंतजार करते हुए स्वर्ग सिधार चुके हैं। जिन चिकित्सा अधिकारियों ने प्रमोशन न होने के चलते त्यागपत्र दे दिया है या फिर डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन ज्वाइन कर लिया है और आज विभाग में कार्यरत नहीं हैं, उनकी भी एसीआर आज तक विभाग खोज रहा है। पदोन्नति का इंतजार कर रहे चिकित्सकों को विभाग की तरफ से यही उत्तर मिलता है कि अभी तक सबकी एसीआर नहीं आई। कई चिकित्सकों ने यह भी लिखकर दे दिया है कि वे पदोन्नति नहीं चाहते हैं तो उनकी एसीआर बार-बार क्यों मांगी जा रही है। इस तरह चिकित्सकों को पदोन्नति का इंतजार करते हुए वर्षों बीत गए हैं और उनकी पदोन्नति नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि असफलता को छुपाने के लिए विभाग ने कुछ मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सेवा विस्तार भी प्रदान किया है, क्योंकि विभाग पदोन्नति करने में पूरी तरह से असफल पाया गया है। संघ की यह मांग हमेशा रही है कि किसी व्यक्ति विशेष को सेवाविस्तार देकर किसी और का हक छीना जाना भी न्याय संगत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की धीमी गति का प्रमाण यह भी है कि 2016 के बाद विभाग चिकित्सकों की वरियता सूची बनाने में असफल रहा है। इस संदर्भ में 2023 में एक कमेटी गठित की गई थी, पर अभी तक कोई भी कदम धरातल पर नहीं उठाया गया है। उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चिकित्सकों की वरियता सूची उनके डेट ऑफ ज्वाइंनिंग से बनाई जाने के लिए संघ ने कई बार पत्राचार भी किया, पर अब तक संघ को इस संदर्भ में भी निराशा ही हाथ आई है। प्रदेश में आई आपदा के समय में भी संघ ने दिन-रात प्रदेश की जनता को सेवाएं प्रदान कीं और मुख्यमंत्री से वार्ता को 7 महीने बीत जाने और उनके आश्वासनों का धरातल पर पालन न होने से समस्त चिकित्सा अधिकारियों में रोष है। उधर, चिकित्सकों ने लगातार 11वें दिन भी काले बिल्ले लगाकर अपनी सेवाएं दीं।
विज्ञापन




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed