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Hamirpur (Himachal) News: जोखिमभरा सफर... सुजानपुर-संधोल मार्ग पर भूस्खलन का खतरा, क्रैश बैरियर भी नहीं
Fri, 10 Oct 2025 02:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 10 Oct 2025 02:07 AM IST
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सुजानपुर-संधोल मार्ग के बीच पलबू में पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता। संवाद
सुजानपुर/जंगलबैरी (हमीरपुर)। भूस्खलन और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उपमंडल सुजानुपर के संधोल-सुजानपुर मार्ग पर सफर खतरों भरा है। कई स्थानों पर पहाड़ी से मलबा गिरने से हादसों का डर बना रहता है। वहीं, दुर्घटना संभावित और भूस्खलन संभावित ऐसे क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड की भी दरकार है।
सुजानपुर-संधोल मार्ग पर सुजानपुर पुल के समीप पहाड़ी से लगातार मलबा गिरता है। यहां पर अक्सर भूस्खलन होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। कई जगह क्रैश बैरियर भी नहीं लगाए गए हैं। जंगलबैरी-बजरौल मार्ग के समीप, पलबू और कुंसरा में भी भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं। बीते दिनों हुई बरसात में अक्सर भूस्खलन होने से सुजानपुर-संधोल मार्ग दिन के कई घंटे बंद रहा था।
इसी मार्ग में खैरी सचूही, बजार भी फ्लड जोन हैं। यहां पर भी भारी बारिश के कारण नाला रौद्र रूप लेता है। बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण सड़के पर मलबा आ जाता है। इसके अलावा टौणी देवी में भी कई सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
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टौणी देवी से उहल कक्कड़ सड़क मार्ग, गांव छतरूरू का संपर्क मार्ग, झनिक्कर से पलहाल, लंबागांव टौणी देवी सड़क मार्ग में भी ऐसे स्पॉट हैं, जहां पर हादसों का खतरा बना होता है। बीते सालों में यहां पर कई हादसे भी हुए हैं। मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
-बरसात के मौसम में सुजानपुर-संधोल मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ है। इस सड़क का विस्तार किया जा रहा है। सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाने चाहिएं। -सुभाष चंद, निवासी बजरोल
-दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिएं। पलबू में भी अनेक भूस्खलन संभावित स्थान हैं। कभी भी मलबा गिर सकता है। -प्रेम चंद, निवासी पलबू
-सड़क में जहां-जहां भूस्खलन होता है, वहां पर चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिएं। इन जगहों पर कटिंग इस तरह से हो कि भूस्खलन होने की संभावना कम हो। -राधा रानी, निवासी पलबू
कोट
खैरी, सचूही, बजार फ्लड जोन में हैं। लोगों को पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। पानी नाली के माध्यम से नाले में जाना चाहिए। गांव के संपर्क मार्गों पर पानी की निकासी उचित होनी चाहिए। जब भी मलबा आता है, उसे उठा देते हैं। प्रोटेक्शन भी लगा देते हैं। -संसार चंद, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, कक्कड़
दुर्घटना संभावित क्षेत्र काफी हैं। डीसी की अध्यक्षता में कमेटी ब्लैक स्पॉट को चिन्हित करती है। ऐसे संभावित स्पॉट की सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। ब्लैक स्पॉट चिन्हित होने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। -नितिश, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, टौणी देवी
सुजानपुर पुल के समीप भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं। यहां पर बरसात में भूस्खलन होता है। डीसी ऑफिस में बात की गई है कि कैसे इन स्थानों को सुरक्षित बनाया जा सके। -विजय धीमान, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, सुजानपुर
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सुजानपुर-संधोल मार्ग पर सुजानपुर पुल के समीप पहाड़ी से लगातार मलबा गिरता है। यहां पर अक्सर भूस्खलन होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। कई जगह क्रैश बैरियर भी नहीं लगाए गए हैं। जंगलबैरी-बजरौल मार्ग के समीप, पलबू और कुंसरा में भी भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं। बीते दिनों हुई बरसात में अक्सर भूस्खलन होने से सुजानपुर-संधोल मार्ग दिन के कई घंटे बंद रहा था।
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इसी मार्ग में खैरी सचूही, बजार भी फ्लड जोन हैं। यहां पर भी भारी बारिश के कारण नाला रौद्र रूप लेता है। बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण सड़के पर मलबा आ जाता है। इसके अलावा टौणी देवी में भी कई सड़कों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
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टौणी देवी से उहल कक्कड़ सड़क मार्ग, गांव छतरूरू का संपर्क मार्ग, झनिक्कर से पलहाल, लंबागांव टौणी देवी सड़क मार्ग में भी ऐसे स्पॉट हैं, जहां पर हादसों का खतरा बना होता है। बीते सालों में यहां पर कई हादसे भी हुए हैं। मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
-बरसात के मौसम में सुजानपुर-संधोल मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ है। इस सड़क का विस्तार किया जा रहा है। सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाने चाहिएं। -सुभाष चंद, निवासी बजरोल
-दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिएं। पलबू में भी अनेक भूस्खलन संभावित स्थान हैं। कभी भी मलबा गिर सकता है। -प्रेम चंद, निवासी पलबू
-सड़क में जहां-जहां भूस्खलन होता है, वहां पर चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिएं। इन जगहों पर कटिंग इस तरह से हो कि भूस्खलन होने की संभावना कम हो। -राधा रानी, निवासी पलबू
कोट
खैरी, सचूही, बजार फ्लड जोन में हैं। लोगों को पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। पानी नाली के माध्यम से नाले में जाना चाहिए। गांव के संपर्क मार्गों पर पानी की निकासी उचित होनी चाहिए। जब भी मलबा आता है, उसे उठा देते हैं। प्रोटेक्शन भी लगा देते हैं। -संसार चंद, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, कक्कड़
दुर्घटना संभावित क्षेत्र काफी हैं। डीसी की अध्यक्षता में कमेटी ब्लैक स्पॉट को चिन्हित करती है। ऐसे संभावित स्पॉट की सूची जिला प्रशासन को भेजी गई है। ब्लैक स्पॉट चिन्हित होने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। -नितिश, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, टौणी देवी
सुजानपुर पुल के समीप भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं। यहां पर बरसात में भूस्खलन होता है। डीसी ऑफिस में बात की गई है कि कैसे इन स्थानों को सुरक्षित बनाया जा सके। -विजय धीमान, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग, सुजानपुर

सुजानपुर-संधोल मार्ग के बीच पलबू में पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता। संवाद

सुजानपुर-संधोल मार्ग के बीच पलबू में पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता। संवाद

सुजानपुर-संधोल मार्ग के बीच पलबू में पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता। संवाद

सुजानपुर-संधोल मार्ग के बीच पलबू में पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता। संवाद

सुजानपुर-संधोल मार्ग के बीच पलबू में पहाड़ी से अक्सर मलबा गिरता। संवाद