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Hamirpur (Himachal) News: बरसात से पूर्व जर्जर स्कूल भवनों की देनी होगी सूची
Mon, 15 Jun 2026 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:46 AM IST
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हमीरपुर। बरसात के मौसम में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने व्यापक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विभाग ने जिला भर के सभी स्कूल प्रभारियों को अपने-अपने स्कूलों के भवनों की स्थिति का विस्तृत ब्योरा जून के अंत तक उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों के अनुसार स्कूल प्रबंधन को स्वयं भवनों का निरीक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति की जानकारी संबंधित कार्यालय को भेजनी होगी। यदि किसी स्कूल भवन में दरारें, छत की कमजोरी, पानी रिसाव या बरसात के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका पाई जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को देना अनिवार्य होगा।
ऐसे भवनों में विद्यार्थियों की कक्षाएं न लगाने और वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मानसून के दौरान पुराने भवनों में छत गिरने, दीवारें कमजोर होने और पानी रिसने जैसी घटनाओं को देखते हुए समय रहते सुरक्षा कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत सभी स्कूलों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
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उपनिदेशक कार्यालय की ओर से गठित कमेटियां भी विभिन्न स्कूलों का दौरा कर भवनों का निरीक्षण करेंगी और मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करेंगी। वहीं, समय पर रिपोर्ट न देने वाले स्कूल प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
कोट
किसी स्कूल भवन का कोई हिस्सा असुरक्षित पाया जाता है, तो वहां तत्काल प्रभाव से विद्यार्थियों की कक्षाएं अन्य कमरों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भवनों की सूची मंगवाई जा रही है। -कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर
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निर्देशों के अनुसार स्कूल प्रबंधन को स्वयं भवनों का निरीक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति की जानकारी संबंधित कार्यालय को भेजनी होगी। यदि किसी स्कूल भवन में दरारें, छत की कमजोरी, पानी रिसाव या बरसात के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका पाई जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को देना अनिवार्य होगा।
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ऐसे भवनों में विद्यार्थियों की कक्षाएं न लगाने और वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मानसून के दौरान पुराने भवनों में छत गिरने, दीवारें कमजोर होने और पानी रिसने जैसी घटनाओं को देखते हुए समय रहते सुरक्षा कदम उठाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत सभी स्कूलों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
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उपनिदेशक कार्यालय की ओर से गठित कमेटियां भी विभिन्न स्कूलों का दौरा कर भवनों का निरीक्षण करेंगी और मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करेंगी। वहीं, समय पर रिपोर्ट न देने वाले स्कूल प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
कोट
किसी स्कूल भवन का कोई हिस्सा असुरक्षित पाया जाता है, तो वहां तत्काल प्रभाव से विद्यार्थियों की कक्षाएं अन्य कमरों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भवनों की सूची मंगवाई जा रही है। -कमल किशोर, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर