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Hamirpur (Himachal) News: नगर निगम के हर वार्ड में बनेगी मलबा डंपिंग साइट
Fri, 23 Oct 2026 01:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 23 Oct 2026 01:31 AM IST
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हमीरपुर। पुराने भवनों को तोड़ने के बाद निकलने वाले मलबे को नालों, खाइयों और खाली जगहों पर मनमाने ढंग से फेंकने पर रोक लगाने के लिए नगर निगम हमीरपुर ने पहल की है। निगम के प्रत्येक वार्ड में मलबा डंपिंग साइट विकसित करने की योजना बनाई गई है।
इसके लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त ने इस संबंध में पटवारियों को निर्देश जारी किए हैं। कुछ दिन पहले आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस विषय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अब चिह्नित स्थलों की सूची मिलने के बाद इन्हें मलबा डंपिंग साइट के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। नगर परिषद के कार्यकाल में सीमित क्षेत्र होने के कारण भवनों का मलबा ठिकाने लगाने के लिए पर्याप्त विकल्प उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में लोग नजदीकी खाली जगहों, खाइयों और नालों में मलबा फेंक देते थे।
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वर्तमान में ख्याह लोहाखरिया में मलबा डंपिंग साइट उपलब्ध है, लेकिन मुख्यालय से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर होने के कारण वहां मलबा पहुंचाने पर अधिक खर्च आता है। इसके चलते कई लोग निर्धारित स्थल तक मलबा ले जाने से कतराते हैं।
दो वर्ष पहले नगर निगम का गठन होने के बाद इसका दायरा बढ़ा है। इसी को देखते हुए अब प्रत्येक वार्ड में मलबा निस्तारण के लिए उपयुक्त स्थान विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत खाइयों, नालों और अन्य उपयुक्त स्थलों को चिह्नित कर निगम की निगरानी में मलबे की डंपिंग की जाएगी।
इन स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर पार्किंग, पार्क और अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है। इस पहल से लोगों को मलबा ठिकाने लगाने के लिए नजदीक में सुविधा मिलेगी।
साथ ही, प्राकृतिक जल स्रोतों और निकासी नालों को अवरुद्ध होने से बचाने के अलावा मलबे की अवैध डंपिंग से वन संपदा और पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
कोट
हर वार्ड में मलबा डंपिंग के लिए स्थान चिह्नित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। निगम की निगरानी में यह कार्य होने से संबंधित स्थलों पर जन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। स्थानों का चयन इस तरह किया जाएगा कि प्राकृतिक जल स्रोतों, नालों और वन संपदा को नुकसान न पहुंचे। -राकेश शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर
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इसके लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त ने इस संबंध में पटवारियों को निर्देश जारी किए हैं। कुछ दिन पहले आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इस विषय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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अब चिह्नित स्थलों की सूची मिलने के बाद इन्हें मलबा डंपिंग साइट के रूप में अधिसूचित किया जाएगा। नगर परिषद के कार्यकाल में सीमित क्षेत्र होने के कारण भवनों का मलबा ठिकाने लगाने के लिए पर्याप्त विकल्प उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में लोग नजदीकी खाली जगहों, खाइयों और नालों में मलबा फेंक देते थे।
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वर्तमान में ख्याह लोहाखरिया में मलबा डंपिंग साइट उपलब्ध है, लेकिन मुख्यालय से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर होने के कारण वहां मलबा पहुंचाने पर अधिक खर्च आता है। इसके चलते कई लोग निर्धारित स्थल तक मलबा ले जाने से कतराते हैं।
दो वर्ष पहले नगर निगम का गठन होने के बाद इसका दायरा बढ़ा है। इसी को देखते हुए अब प्रत्येक वार्ड में मलबा निस्तारण के लिए उपयुक्त स्थान विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत खाइयों, नालों और अन्य उपयुक्त स्थलों को चिह्नित कर निगम की निगरानी में मलबे की डंपिंग की जाएगी।
इन स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर पार्किंग, पार्क और अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है। इस पहल से लोगों को मलबा ठिकाने लगाने के लिए नजदीक में सुविधा मिलेगी।
साथ ही, प्राकृतिक जल स्रोतों और निकासी नालों को अवरुद्ध होने से बचाने के अलावा मलबे की अवैध डंपिंग से वन संपदा और पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
कोट
हर वार्ड में मलबा डंपिंग के लिए स्थान चिह्नित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। निगम की निगरानी में यह कार्य होने से संबंधित स्थलों पर जन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। स्थानों का चयन इस तरह किया जाएगा कि प्राकृतिक जल स्रोतों, नालों और वन संपदा को नुकसान न पहुंचे। -राकेश शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर