{"_id":"6ab91397ef9517a7fe045dc4","slug":"a-court-noc-is-not-required-for-a-witnesss-passport-renewal-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-209984-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: गवाह को पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अदालत की एनओसी जरूरी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: गवाह को पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अदालत की एनओसी जरूरी नहीं
Mon, 28 Sep 2026 06:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 28 Sep 2026 06:30 AM IST
विज्ञापन
आरोपी नहीं होने पर केवल एफआईआर के आधार पर नहीं रोका जा सकता पासपोर्ट नवीनीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। आपराधिक मामले में केवल गवाह होने पर पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अदालत से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने की जरूरत नहीं है। हमीरपुर की विशेष अदालत ने एक महिला की ओर से पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए एनओसी की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया। विशेष न्यायाधीश पंकज शर्मा की अदालत ने कहा कि जब महिला मामले में आरोपी नहीं है और केवल गवाह के तौर पर दर्ज है तो महज एफआईआर लंबित होने के आधार पर उसके पासपोर्ट नवीनीकरण के अधिकार को सीमित नहीं किया जा सकता।
यह मामला नवी मुंबई जन कल्याण निधि लिमिटेड से जुड़ा हुआ है। महिला ने बीएनएस की धारा 94 के तहत अदालत से पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए एनओसी देने की मांग की थी। याचिका के अनुसार उनका पासपोर्ट 24 अक्तूबर 2026 को समाप्त हो रहा है। नवीनीकरण के लिए आवेदन करने पर मुंबई स्थित पासपोर्ट प्राधिकरण ने हमीरपुर के विजिलेंस थाना में दर्ज एफआईआर के लंबित होने का हवाला देते हुए संबंधित अदालत से एनओसी लाने को कहा था।
यह एफआईआर कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने के नाम पर लोगों से कथित ठगी की शिकायत के आधार पर 18 अक्तूबर 2024 को दर्ज हुई थी। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी की ओर से पेश स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और याचिकाकर्ता महिला की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई।
विज्ञापन
विजिलेंस ने रिपोर्ट में महिला को आरोपी नहीं, बल्कि गवाह बताया गया है। अदालत ने कहा कि जब जांच एजेंसी ने स्पष्ट कर दिया है कि आवेदक आरोपी नहीं है तो केवल एफआईआर लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत आपराधिक मामले में गवाह को पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अदालत से पूर्व अनुमति या एनओसी लेना अनिवार्य हो।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। आपराधिक मामले में केवल गवाह होने पर पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अदालत से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने की जरूरत नहीं है। हमीरपुर की विशेष अदालत ने एक महिला की ओर से पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए एनओसी की मांग को लेकर दायर याचिका खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया। विशेष न्यायाधीश पंकज शर्मा की अदालत ने कहा कि जब महिला मामले में आरोपी नहीं है और केवल गवाह के तौर पर दर्ज है तो महज एफआईआर लंबित होने के आधार पर उसके पासपोर्ट नवीनीकरण के अधिकार को सीमित नहीं किया जा सकता।
यह मामला नवी मुंबई जन कल्याण निधि लिमिटेड से जुड़ा हुआ है। महिला ने बीएनएस की धारा 94 के तहत अदालत से पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए एनओसी देने की मांग की थी। याचिका के अनुसार उनका पासपोर्ट 24 अक्तूबर 2026 को समाप्त हो रहा है। नवीनीकरण के लिए आवेदन करने पर मुंबई स्थित पासपोर्ट प्राधिकरण ने हमीरपुर के विजिलेंस थाना में दर्ज एफआईआर के लंबित होने का हवाला देते हुए संबंधित अदालत से एनओसी लाने को कहा था।
विज्ञापन
यह एफआईआर कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने के नाम पर लोगों से कथित ठगी की शिकायत के आधार पर 18 अक्तूबर 2024 को दर्ज हुई थी। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी की ओर से पेश स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और याचिकाकर्ता महिला की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई।
विज्ञापन
विजिलेंस ने रिपोर्ट में महिला को आरोपी नहीं, बल्कि गवाह बताया गया है। अदालत ने कहा कि जब जांच एजेंसी ने स्पष्ट कर दिया है कि आवेदक आरोपी नहीं है तो केवल एफआईआर लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत आपराधिक मामले में गवाह को पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अदालत से पूर्व अनुमति या एनओसी लेना अनिवार्य हो।