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मतदान के दौरान महिलाओं को नहीं सताएगी अपने बच्चों की चिंता
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हमीरपुर। मतदान केंद्रों में इस बार वोट डालने के दौरान महिलाओं को अपने छोटे बच्चों की चिंता नहीं सताएगी। आंगनबाड़ी सहायिकाएं मतदान के दौरान छोटे बच्चों को संभालेंगी। लोकसभा चुनाव में पहली बार इसके लिए आंगनबाड़ी सहायिकाओं की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें सभी आंगनबाड़ी सहायिकाएं मतदान करने तक छोटे बच्चों का ध्यान रखेंगी। पूर्व में कई बार महिलाएं छोटा बच्चा होने के कारण मतदान नहीं कर पाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। महिलाएं अपने छोटे बच्चे को साथ लेकर मतदान केंद्र पर वोट डाल सकेंगी। छोटे बच्चों का ध्यान रखने के लिए इस बार आंगनबाड़ी सहायिकाओं की ड्यूटी लगाई गई है। सौ प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। लोकसभा चुनाव में पहली बार आंगनबाड़ी सहायिकाएं भी अपना अहम रोल अदा करेंगी।
मतदान के दौरान वोट डालने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों का ख्याल रखने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को सौंपी गई है। नवजात शिशुओं की माताएं भी अब बिना किसी चिंता के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगी। वोट डालने के दौरान नवजात शिशु की देख-रेख की चिंता महिलाओं को नहीं सताएगी। जब तक वोट डालकर महिला वापस नहीं आती। तब तक उसके बच्चे की देखभाल का जिम्मा आंगनबाड़ी सहायिका का होगा। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी भी मतदान के लिए लगाई गई है, लेकिन इनका कार्य अलग रहेगा। आंगनबाड़ी सहायिकाओं को शिशुओं की देखभाल का अनुभव भी होता है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सहायिकाएं नौनिहालों को संभालती हैं। ऐसे में मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग करने के दौरान महिलाओं के नवजात शिशुओं का पूरा ध्यान आंगनबाड़ी सहायिकाएं रखेंगी। मतदान प्रक्रिया शुरू होने से समाप्ति तक इनकी सेवाएं ली जाएंगी। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग हमीरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य ने कहा कि हर बूथ पर आंगनबाड़ी सहायिका की ड्यूटी लगाई गई है।
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मतदान के दौरान वोट डालने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों का ख्याल रखने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को सौंपी गई है। नवजात शिशुओं की माताएं भी अब बिना किसी चिंता के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगी। वोट डालने के दौरान नवजात शिशु की देख-रेख की चिंता महिलाओं को नहीं सताएगी। जब तक वोट डालकर महिला वापस नहीं आती। तब तक उसके बच्चे की देखभाल का जिम्मा आंगनबाड़ी सहायिका का होगा। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी भी मतदान के लिए लगाई गई है, लेकिन इनका कार्य अलग रहेगा। आंगनबाड़ी सहायिकाओं को शिशुओं की देखभाल का अनुभव भी होता है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सहायिकाएं नौनिहालों को संभालती हैं। ऐसे में मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग करने के दौरान महिलाओं के नवजात शिशुओं का पूरा ध्यान आंगनबाड़ी सहायिकाएं रखेंगी। मतदान प्रक्रिया शुरू होने से समाप्ति तक इनकी सेवाएं ली जाएंगी। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग हमीरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य ने कहा कि हर बूथ पर आंगनबाड़ी सहायिका की ड्यूटी लगाई गई है।
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