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Hamirpur (Himachal) News: नहीं चलीं 62 बसें...भटकते रहे यात्री, ऑटो और टैक्सी से पहुंचना पड़ा घर
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बस अड्डा हमीरपुर में बसों का इंतजार करते लोग। संवाद
समय : सुबह के 11:00 बजे
स्थान : बस अड्डा हमीरपुर
हमीरपुर। बस अड्डा हमीरपुर में महज दो सरकारी बसें थी, वे भी लंबे रूट कीं। लोकल रूट के लिए कोई भी बस काउंटर पर नहीं लगी थी। लोग बसों के इंतजार में इधर-उधर भटक रहे हैं। कुछ लोग फोन पर अपने परिजनों को बस न मिलने की परेशानी बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग ऑटो और टैक्सी के दाम तय कर रहे हैं। बस अड्डे पर कर्मचारी से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार के धर्मशाला में सोमवार को एक साल के जश्न के एचआरटीसी डिपो हमीरपुर की 62 एचआरटीसी बसों में लोग धर्मशाला के लिए गए थे। इस दौरान स्थानीय लोग निजी बसों और अपने निजी वाहनों का सहारा लेकर अपने अपने गंतव्य तक पहुंचे।
समय : दोपहर 12:15 बजे
लोग सरकारी बसों का इंतजार करते हुए बस अड्डा परिसर में बैठे हैं। कुछ लोग सुबह से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लोकल रूट की कोई भी बस काउंटर पर नहीं है।
समय : दोपहर 2:00 बजे
हमीरपुर बस अड्डे पर दो सरकारी बसें लगीं हैं। हालांकि वे लंबे रूट की बसें हैं। यात्री चालक और परिचालक से पूछताछ कर रहे हैं कि उनके लोकल रूट के लिए कोई बस मिल पाएगी।
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147 की जगह 85 रूट पर ही दौड़ीं बसें
एचआरटीसी डिपो हमीरपुर के 147 लोकल बस रूट चलते हैं, लेकिन सोमवार को महज 85 बस रूटों पर ही बसें चलाई गईं। जिस कारण स्कूल, कॉलेज, कार्यालय जाने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
62 एचआरटीसी बसों में लोग धर्मशाला के लिए गए। इस कारण लोकल रूट बंद रहे। सुबह से लोगों को सुचारू बस सुविधा मिलेगी।
राजकुमार पाठक, डीडीएम,एचआरटीसी
पुरुषोत्तम दास ने कहा कि पटलांदर के लिए पहले से ही कम बसें हैं। ऐसे में लोकल सभी रूट बंद कर दिए गए हैं। जिस कारण दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
यात्री जोंडु राम और सीता देवी ने कहा कि उन्हें कालाअंब जाना है, लेकिन डेढ़ घंटे से कोई भी सरकारी बस नहीं मिली। अब निजी बस का इंतजार है। सरकारी बस में महिलाओं का आधा किराया लगता है, लेकिन बस न होने के कारण अब निजी बस में पूरा किराया देना पड़ रहा है।
फलातु राम ने कहा कि लोहाखर जाना है, लेकिन बस नहीं है। ऐसे में घर से ही परिजनों को बुलाया है। बस अड्डा में काफी देर तक बसों का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिली। ऐसे में वे टैक्सी करके घर गए।
प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें पांडवी जाना है। दो घंटे सरकारी बस का इंतजार करने के बावजूद भी बस नहीं मिली। ऐसे में निजी बस में घर के लिए रवाना हुए।
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स्थान : बस अड्डा हमीरपुर
हमीरपुर। बस अड्डा हमीरपुर में महज दो सरकारी बसें थी, वे भी लंबे रूट कीं। लोकल रूट के लिए कोई भी बस काउंटर पर नहीं लगी थी। लोग बसों के इंतजार में इधर-उधर भटक रहे हैं। कुछ लोग फोन पर अपने परिजनों को बस न मिलने की परेशानी बता रहे हैं तो वहीं कुछ लोग ऑटो और टैक्सी के दाम तय कर रहे हैं। बस अड्डे पर कर्मचारी से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार के धर्मशाला में सोमवार को एक साल के जश्न के एचआरटीसी डिपो हमीरपुर की 62 एचआरटीसी बसों में लोग धर्मशाला के लिए गए थे। इस दौरान स्थानीय लोग निजी बसों और अपने निजी वाहनों का सहारा लेकर अपने अपने गंतव्य तक पहुंचे।
समय : दोपहर 12:15 बजे
लोग सरकारी बसों का इंतजार करते हुए बस अड्डा परिसर में बैठे हैं। कुछ लोग सुबह से बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लोकल रूट की कोई भी बस काउंटर पर नहीं है।
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समय : दोपहर 2:00 बजे
हमीरपुर बस अड्डे पर दो सरकारी बसें लगीं हैं। हालांकि वे लंबे रूट की बसें हैं। यात्री चालक और परिचालक से पूछताछ कर रहे हैं कि उनके लोकल रूट के लिए कोई बस मिल पाएगी।
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147 की जगह 85 रूट पर ही दौड़ीं बसें
एचआरटीसी डिपो हमीरपुर के 147 लोकल बस रूट चलते हैं, लेकिन सोमवार को महज 85 बस रूटों पर ही बसें चलाई गईं। जिस कारण स्कूल, कॉलेज, कार्यालय जाने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
62 एचआरटीसी बसों में लोग धर्मशाला के लिए गए। इस कारण लोकल रूट बंद रहे। सुबह से लोगों को सुचारू बस सुविधा मिलेगी।
राजकुमार पाठक, डीडीएम,एचआरटीसी
पुरुषोत्तम दास ने कहा कि पटलांदर के लिए पहले से ही कम बसें हैं। ऐसे में लोकल सभी रूट बंद कर दिए गए हैं। जिस कारण दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
यात्री जोंडु राम और सीता देवी ने कहा कि उन्हें कालाअंब जाना है, लेकिन डेढ़ घंटे से कोई भी सरकारी बस नहीं मिली। अब निजी बस का इंतजार है। सरकारी बस में महिलाओं का आधा किराया लगता है, लेकिन बस न होने के कारण अब निजी बस में पूरा किराया देना पड़ रहा है।
फलातु राम ने कहा कि लोहाखर जाना है, लेकिन बस नहीं है। ऐसे में घर से ही परिजनों को बुलाया है। बस अड्डा में काफी देर तक बसों का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिली। ऐसे में वे टैक्सी करके घर गए।
प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें पांडवी जाना है। दो घंटे सरकारी बस का इंतजार करने के बावजूद भी बस नहीं मिली। ऐसे में निजी बस में घर के लिए रवाना हुए।