{"_id":"5bd0a6efbdec226988376083","slug":"41540400879-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करे सरकार : संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करे सरकार : संघ
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नादौन (हमीरपुर)। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने के लिए 2003 से पूर्व नियुक्त अनुबंध अध्यापक संघ बुधवार को एचआरटीसी उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री से कांगू विश्राम गृह में मिला। इस दौरान राज्य संयोजक चंद्र मोहन, जिला संयोजक मोहन शर्मा, दिनेश कुमार, विनोद चौहान, राजेंद्र शर्मा आदि उपस्थित रहे। संघ नेे उन्हें एचआरटीसी उपाध्यक्ष बनने पर बधाई दी। संघ ने उनके माध्यम से राज्य सरकार से मांग की है कि 2003 से पूर्व नियुक्त अनुबंध अध्यापकों के पक्ष में आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को जल्द से जल्द लागू करवाया जाए।
चंद्र मोहन ने कहा लगभग 3500 अध्यापक, जेबीटी, सीएंडवी, टीजीटी और प्रवक्ता 15 मई 2003 से पूर्व नियमों के तहत अनुबंध आधार पर सरकार की ओर से नियुक्त किए गए थे। जिन्हें 8, 10 या 11 साल के लंबे अनुबंध कार्यकाल के बाद नियमित किया गया था। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट से फैसला 2015 में आ गया था लेकिन, लगभग 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी उपरोक्त फैसले को पिछली सरकार की ओर से लागू नहीं किया गया और अभी तक यह फैसला वर्तमान सरकार के पास विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त निर्णयों के अनुसार अध्यापकों के अनुबंध सेवाकाल की अवधि को प्रथम नियुक्ति से पुरानी पेंशन के लिए जोड़ने को कहा गया है। अभी तक इन अध्यापकों को पुरानी पेंशन के लाभ से दूर रखा गया है। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जल्द से जल्द लागू करें ताकि, अनुबंध अध्यापकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ न्याय मिल सके। इस दौरान विजय अग्निहोत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
विज्ञापन
चंद्र मोहन ने कहा लगभग 3500 अध्यापक, जेबीटी, सीएंडवी, टीजीटी और प्रवक्ता 15 मई 2003 से पूर्व नियमों के तहत अनुबंध आधार पर सरकार की ओर से नियुक्त किए गए थे। जिन्हें 8, 10 या 11 साल के लंबे अनुबंध कार्यकाल के बाद नियमित किया गया था। इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट से फैसला 2015 में आ गया था लेकिन, लगभग 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी उपरोक्त फैसले को पिछली सरकार की ओर से लागू नहीं किया गया और अभी तक यह फैसला वर्तमान सरकार के पास विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त निर्णयों के अनुसार अध्यापकों के अनुबंध सेवाकाल की अवधि को प्रथम नियुक्ति से पुरानी पेंशन के लिए जोड़ने को कहा गया है। अभी तक इन अध्यापकों को पुरानी पेंशन के लाभ से दूर रखा गया है। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जल्द से जल्द लागू करें ताकि, अनुबंध अध्यापकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ न्याय मिल सके। इस दौरान विजय अग्निहोत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांग को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
विज्ञापन