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जूनियर हेल्पर और जूनियर टीमेट के पदोन्नति नियमों का विरोध
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:36 PM IST
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जलाड़ी (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंप्लाइज यूनियन ने जूनियर हेल्पर (सबस्टेशन, पावर हाउस व एमएंडटी) और जूनियर टीमेट के लिए बनाए गए नये पदोन्नति नियमों का विरोध किया है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरबाड़ा ने कहा कि बनाए गए नियमों के मुताबिक पांच साल के बाद जूनियर हेल्पर, हेल्पर बन सकेगा और जूनियर टीमेट, टीमेट बन सकेगा। जोकि सरासर नाइंसाफी है। क्योंकि विद्युत बोर्ड लिमिटेड का प्रबंधक वर्ग एक तरफ तो आईटीआई होल्डर्स को सीधे लाइनमैन, एसएसए, इलेक्ट्रिशियन भर्ती कर रहा है और दूसरी तरफ आईटीआई होल्डर्स को ही टीमेट और हेल्पर भर्ती करने की बजाय उनके पद के साथ जूनियर शब्द जोड़ कर पद की गरिमा को गिरा रहा है।
यूनियन बोर्ड प्रबंधन से यह मांग करती है कि जूनियर टी-मेट की पदोन्नति बतौर सहायक लाइनमैन और जूनियर हेल्पर की पदोन्नति सीधे बतौर एसएसए, इलेक्ट्रिशियन, फिटर के रूप में की जाए। वैसे भी विद्युत बोर्ड के अधिकांश डिवीजनों में टी-मेट के पदों को जूनियर टी-मेट और हेल्पर के पदों को जूनियर हेल्पर में बदल दिया गया है। जिसकी वजह से लंबे समय से इनकी पदोन्नति हो पाना ही संभव नहीं है। यूनियन की केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की आपातकालीन बैठक 16 सितंबर को सुबह 11.00 बजे यूनियन मुख्यालय शिमला में होगी। जिसमें कर्मचारियों के लंबित पड़ी मांगों पर चर्चा की जाएगी और रणनीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही विद्युत बोर्ड लिमिटेड की संपत्तियों को विद्युत संचार ऊर्जा निगम को हस्तांतरित करने की जो मुहिम चलाई जा रही है, इस पर भी यूनियन संघर्ष की रणनीति तैयार करेगी। यूनियन शीघ्र बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं के संयुक्त मोर्चे का गठन करेगी। क्योंकि 24 मई 2010 को संयुक्त मोर्चे के साथ ही हिमाचल सरकार के साथ बिजली बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर समझौता हुआ था और इस समझौते की शर्तों के मुताबिक विद्युत बोर्ड लिमिटेड के वर्तमान स्वरूप के साथ एक तरफा फैसला लेते हुए कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। यूनियन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अतिशीघ्र इन मामलों में हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं यूनियन ने विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबंधक वर्ग की ओर से लाइनमैन से फोरमैन, फिटर पावर हाउस और फिटर एचएम से फोरमैन, एसएसए से जेई सब स्टेशन, इलेक्ट्रिशियन एमएंडटी से फोरमैन, एमएंडटी और जेई टेस्ट की पदोन्नति के लिए नियमों में किए गए संशोधन का स्वागत किया है।
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यूनियन बोर्ड प्रबंधन से यह मांग करती है कि जूनियर टी-मेट की पदोन्नति बतौर सहायक लाइनमैन और जूनियर हेल्पर की पदोन्नति सीधे बतौर एसएसए, इलेक्ट्रिशियन, फिटर के रूप में की जाए। वैसे भी विद्युत बोर्ड के अधिकांश डिवीजनों में टी-मेट के पदों को जूनियर टी-मेट और हेल्पर के पदों को जूनियर हेल्पर में बदल दिया गया है। जिसकी वजह से लंबे समय से इनकी पदोन्नति हो पाना ही संभव नहीं है। यूनियन की केंद्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की आपातकालीन बैठक 16 सितंबर को सुबह 11.00 बजे यूनियन मुख्यालय शिमला में होगी। जिसमें कर्मचारियों के लंबित पड़ी मांगों पर चर्चा की जाएगी और रणनीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही विद्युत बोर्ड लिमिटेड की संपत्तियों को विद्युत संचार ऊर्जा निगम को हस्तांतरित करने की जो मुहिम चलाई जा रही है, इस पर भी यूनियन संघर्ष की रणनीति तैयार करेगी। यूनियन शीघ्र बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं के संयुक्त मोर्चे का गठन करेगी। क्योंकि 24 मई 2010 को संयुक्त मोर्चे के साथ ही हिमाचल सरकार के साथ बिजली बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर समझौता हुआ था और इस समझौते की शर्तों के मुताबिक विद्युत बोर्ड लिमिटेड के वर्तमान स्वरूप के साथ एक तरफा फैसला लेते हुए कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। यूनियन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अतिशीघ्र इन मामलों में हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं यूनियन ने विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबंधक वर्ग की ओर से लाइनमैन से फोरमैन, फिटर पावर हाउस और फिटर एचएम से फोरमैन, एसएसए से जेई सब स्टेशन, इलेक्ट्रिशियन एमएंडटी से फोरमैन, एमएंडटी और जेई टेस्ट की पदोन्नति के लिए नियमों में किए गए संशोधन का स्वागत किया है।
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