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हमीर उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में दिखी अव्यवस्था
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:09 PM IST
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हमीरपुर। राज्यस्तरीय हमीर उत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में प्रशासनिक अव्यवस्था ने उत्सव की चकाचौंध को धूमिल कर दिया। रावमापा के खेल मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय उत्सव के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों ने उत्सव में आए दर्शकों के साथ अभद्र व्यवहार किया। मौके पर पहुुंची एसडीएम शिल्पी बेक्टा, एसडीएम विशाल शर्मा, एसडीएम शिवदेव सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने मामला शांत करवाया। वहीं कुछ लोग शराब के नशे में वीआईपी गैलरी तक पहुंच गए और उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने नाचना शुरू कर दिया।
इस दौरान भी पुलिस ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन, जब बात न बनी तो उन्हें जबरदस्ती दर्शक दीर्घा से हटाना पड़ा। पंडाल में दर्शकों के प्रवेश को लेकर पुलिस ने पिक एंड चूज की नीति अपनाई गई। मतलब जो रसूखदार थे उनके पंडाल में प्रवेश पर कोई रोकटोक नहीं थी। जबकि आम जनता को पंडाल के बाहर खुले आसमान के नीचे खड़े होकर सांस्कृतिक संध्या देखनी पड़ी। बुधवार रात को काफी ठंड होने के चलते पंडाल से बाहर खड़ी महिलाओं और खासकर नन्हें बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं स्थानीय कलाकारों ने भी हमीर उत्सव में पंजाब के कलाकारों को अधिक तरजीह देने के आरोप लगाए। स्थानीय कलाकारों को सात हजार से दस हजार रुपये दिए गए। जबकि सतिंद्र सरताज को पौने छह लाख रुपये की भारी भरकम राशि देने पर भी लोगों ने सवाल उठाए। उधर, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि अगर किसी पुलिस कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार किया है तो इसकी जांच की जाएगी।
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इस दौरान भी पुलिस ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन, जब बात न बनी तो उन्हें जबरदस्ती दर्शक दीर्घा से हटाना पड़ा। पंडाल में दर्शकों के प्रवेश को लेकर पुलिस ने पिक एंड चूज की नीति अपनाई गई। मतलब जो रसूखदार थे उनके पंडाल में प्रवेश पर कोई रोकटोक नहीं थी। जबकि आम जनता को पंडाल के बाहर खुले आसमान के नीचे खड़े होकर सांस्कृतिक संध्या देखनी पड़ी। बुधवार रात को काफी ठंड होने के चलते पंडाल से बाहर खड़ी महिलाओं और खासकर नन्हें बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं स्थानीय कलाकारों ने भी हमीर उत्सव में पंजाब के कलाकारों को अधिक तरजीह देने के आरोप लगाए। स्थानीय कलाकारों को सात हजार से दस हजार रुपये दिए गए। जबकि सतिंद्र सरताज को पौने छह लाख रुपये की भारी भरकम राशि देने पर भी लोगों ने सवाल उठाए। उधर, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि अगर किसी पुलिस कर्मचारी ने अभद्र व्यवहार किया है तो इसकी जांच की जाएगी।
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