{"_id":"5a7c89574f1c1b641f8b49c6","slug":"31518111063-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ंदरों ने किया महिला पर हमला, घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ंदरों ने किया महिला पर हमला, घायल
Updated Thu, 08 Feb 2018 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टैहली में बंदरों ने चबा दिया महिला का हाथ
घर के बरामदे में बर्तन साफ कर रही थी कमलेश
कई लोगों ने खेती करना छोड़ दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गलोड़ (हमीरपुर)। फसलों को उजाड़ने के साथ ही अब बंदर लोगों पर हमला करने लगे हैं। ऐसा ही मामला पंचायत कश्मीर के टैहली गांव में पेश आया। जहां एक महिला पर बंदरों ने हमला कर उसे घायल कर दिया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार वालों ने उसे बंदरों के चंगुल से छुड़ाया।
जानकारी के मुताबिक कमलेश कुमारी पत्नी देव राज घर के बरामदे के पास बर्तन साफ कर रही थी। वहीं बरामदे के पास बंदर घूम रहे थे। इस दौरान बंदरों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। उन्होंने महिला के हाथ को चबा दिया। महिला चिल्लाने लगी। इस पर परिवार वाले भी बाहर आए और बंदरों को वहां से भगाया। क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। बंदर लोगों के घरों में रखे सामान को तहस नहस कर रहे हैं। इससे पहले भी लोगों पर हमला कर चुके हैं। बंदरों की वजह से कई किसानों ने अपनी जमीनें खाली छोड़ दी हैं। 50 फीसदी खेतीबाड़ी बंदरों की बजह से बेकार पड़ी है। लोगों में समाजसेवी ध्रुव सिंह राणा और पूर्व प्रधान विद्या प्रकाश का कहना है कि सरकार को बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
घर के बरामदे में बर्तन साफ कर रही थी कमलेश
कई लोगों ने खेती करना छोड़ दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गलोड़ (हमीरपुर)। फसलों को उजाड़ने के साथ ही अब बंदर लोगों पर हमला करने लगे हैं। ऐसा ही मामला पंचायत कश्मीर के टैहली गांव में पेश आया। जहां एक महिला पर बंदरों ने हमला कर उसे घायल कर दिया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार वालों ने उसे बंदरों के चंगुल से छुड़ाया।
जानकारी के मुताबिक कमलेश कुमारी पत्नी देव राज घर के बरामदे के पास बर्तन साफ कर रही थी। वहीं बरामदे के पास बंदर घूम रहे थे। इस दौरान बंदरों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। उन्होंने महिला के हाथ को चबा दिया। महिला चिल्लाने लगी। इस पर परिवार वाले भी बाहर आए और बंदरों को वहां से भगाया। क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। बंदर लोगों के घरों में रखे सामान को तहस नहस कर रहे हैं। इससे पहले भी लोगों पर हमला कर चुके हैं। बंदरों की वजह से कई किसानों ने अपनी जमीनें खाली छोड़ दी हैं। 50 फीसदी खेतीबाड़ी बंदरों की बजह से बेकार पड़ी है। लोगों में समाजसेवी ध्रुव सिंह राणा और पूर्व प्रधान विद्या प्रकाश का कहना है कि सरकार को बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन