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महिला को एसडीएम ने अपनी गाड़ी से पहुंचाया कल्याण कार्यालय
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हमीरपुर। हमीरपुर में सेवारत आईएएस अधिकारी जफर इकबाल ने लोक प्रशासन की मिसाल कायम की है। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे का समय था। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की फरियाद लेकर एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला एसडीएम कार्यालय पहुंची। बोलने और सुनने में असमर्थ महिला की बात समझने में एसडीएम को काफी परेशानी हो रही थी। एसडीएम जफर इकबाल काफी देर बाद भी उनकी बात को समझ नहीं पाए। बुजुर्ग महिला के दर्द को देखकर जफर इकबाल काफी भावुक हो गए।
मूसलाधार बारिश और कंपकंपाती ठंड के दौरान पहुंची उस दिव्यांग महिला को उन्होंने कार्यालय में हीटर सेंकने को भी दिया। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में तैनात महिला अधीक्षक शशि जसरोटिया को बुलाया और महिला व अधीक्षक को आमने-सामने बिठाकर समस्या को समझने का प्रयास किया। बुजुर्ग महिला के इशारों की भाषा को समझते हुए एसडीएम ने अपने अधीक्षक से पत्र लिखवाया। काफी देर के बाद पता चला कि दिव्यांग महिला हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली है और वह बीते आठ साल से हमीरपुर में रह रही है। महिला ने बताया कि फरीदाबाद में उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती थी, लेकिन हर माह हमीरपुर से सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर पेंशन हासिल करना मुश्किल था। जिसके चलते पेंशन बंद हो चुकी है। अब वह हमीरपुर में पेंशन चाहती है। दो पन्नों का आवेदन पत्र लिखने के बाद एसडीएम ने अपने सरकारी वाहन से दिव्यांग महिला को नालटी रोड हमीरपुर में स्थित जिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में भेजा। इसके साथ ही जिला कल्याण अधिकारी के साथ दूरभाष पर बात कर उन्हें आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, हिमाचल में इस महिला को राज्य सरकार की योजना का लाभ उपलब्ध करवाना मुश्किल है। चूंकि नियमों के मूल निवासी और न्यूनतम 20 साल तक हिमाचल में रहने पर ही सुविधा प्रदान हो सकती है। उधर, एसडीएम हमीरपुर जफर इकबाल (आईएएस) ने कहा कि एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला उनके कार्यालय में पेंशन के लिए आई थी। महिला की बात को दो पन्नों पर लिखवाया गया और उसके बाद अपनी गाड़ी से जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय भेजा गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से अगर कोई सुविधा नहीं मिलती है तो केंद्र सरकार या हरियाणा सरकार से संपर्क कर पेंशन उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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मूसलाधार बारिश और कंपकंपाती ठंड के दौरान पहुंची उस दिव्यांग महिला को उन्होंने कार्यालय में हीटर सेंकने को भी दिया। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में तैनात महिला अधीक्षक शशि जसरोटिया को बुलाया और महिला व अधीक्षक को आमने-सामने बिठाकर समस्या को समझने का प्रयास किया। बुजुर्ग महिला के इशारों की भाषा को समझते हुए एसडीएम ने अपने अधीक्षक से पत्र लिखवाया। काफी देर के बाद पता चला कि दिव्यांग महिला हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली है और वह बीते आठ साल से हमीरपुर में रह रही है। महिला ने बताया कि फरीदाबाद में उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलती थी, लेकिन हर माह हमीरपुर से सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर पेंशन हासिल करना मुश्किल था। जिसके चलते पेंशन बंद हो चुकी है। अब वह हमीरपुर में पेंशन चाहती है। दो पन्नों का आवेदन पत्र लिखने के बाद एसडीएम ने अपने सरकारी वाहन से दिव्यांग महिला को नालटी रोड हमीरपुर में स्थित जिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में भेजा। इसके साथ ही जिला कल्याण अधिकारी के साथ दूरभाष पर बात कर उन्हें आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, हिमाचल में इस महिला को राज्य सरकार की योजना का लाभ उपलब्ध करवाना मुश्किल है। चूंकि नियमों के मूल निवासी और न्यूनतम 20 साल तक हिमाचल में रहने पर ही सुविधा प्रदान हो सकती है। उधर, एसडीएम हमीरपुर जफर इकबाल (आईएएस) ने कहा कि एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला उनके कार्यालय में पेंशन के लिए आई थी। महिला की बात को दो पन्नों पर लिखवाया गया और उसके बाद अपनी गाड़ी से जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय भेजा गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से अगर कोई सुविधा नहीं मिलती है तो केंद्र सरकार या हरियाणा सरकार से संपर्क कर पेंशन उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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