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मेडिकल कॉलेज के बाहर लगी मरीजों की 200 मीटर लंबी कतार
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार को जमकर अव्यवस्था झलकी। उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को पर्ची बनाने के लिए सड़क पर खड़ा कर दिया गया। करीब 200 मीटर तक मरीज कतार में बारी का इंतजार करते रहे। इस कतार में कई गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज भी शामिल थे। गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों ने धूप से बचने के लिए आसपास की दुकानों में शरण ले ली। सुबह साढ़े नौ बजे से ही मरीजों को सड़क पर कतार में लगने के लिए कहा गया। प्रवेशद्वार पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने एक-एक कर मरीजों को अंदर बुलाया और शेष मरीजों को सड़क पर ही छोड़ दिया। इस कारण धूप में गर्मी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कुछ गंभीर मरीज, वृद्ध और गर्भवती महिलाएं थक हार कर सड़क किनारे की दुकानों में जाकर बैठ गईं। उधर, सड़क पर अव्यवस्था से खड़े मरीजों में कोरोना संक्रमण का खतरा भी बना रहा। यहां मरीजों में सामाजिक दूरी नहीं थी। उधर, सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी मरीजों की कतार के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों को भी इन वाहनों से हादसों का खतरा बना रहा। मरीजों और उनके तीमारदारों विश्वनाथ, स्वरूप कुमार, संतोष कुमार, अमित शर्मा, त्रिलोक ने कहा कि सोमवार सुबह ही मरीजों की भीड़ अधिक थी। अस्पताल परिसर में पर्ची बनवाने के लिए खड़ा नहीं होने दिया गया और सड़क पर मरीजों की कतार धूप में ही लगवा दी। इसके चलते काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोज जताया है।
पर्ची काउंटर के बाहर शेड निर्माण का कार्य चला है। इस कारण मरीजों को बाहर खड़ा किया गया था। शेड बनने के बाद अंदर ही मरीज खड़े होंगे। फिलहाल दो तीन दिन तक दिक्कत आएगी।
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डॉ. रमेश चौहान, एमएस
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कुछ गंभीर मरीज, वृद्ध और गर्भवती महिलाएं थक हार कर सड़क किनारे की दुकानों में जाकर बैठ गईं। उधर, सड़क पर अव्यवस्था से खड़े मरीजों में कोरोना संक्रमण का खतरा भी बना रहा। यहां मरीजों में सामाजिक दूरी नहीं थी। उधर, सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी मरीजों की कतार के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरीजों को भी इन वाहनों से हादसों का खतरा बना रहा। मरीजों और उनके तीमारदारों विश्वनाथ, स्वरूप कुमार, संतोष कुमार, अमित शर्मा, त्रिलोक ने कहा कि सोमवार सुबह ही मरीजों की भीड़ अधिक थी। अस्पताल परिसर में पर्ची बनवाने के लिए खड़ा नहीं होने दिया गया और सड़क पर मरीजों की कतार धूप में ही लगवा दी। इसके चलते काफी परेशानियां झेलनी पड़ी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोज जताया है।
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पर्ची काउंटर के बाहर शेड निर्माण का कार्य चला है। इस कारण मरीजों को बाहर खड़ा किया गया था। शेड बनने के बाद अंदर ही मरीज खड़े होंगे। फिलहाल दो तीन दिन तक दिक्कत आएगी।
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डॉ. रमेश चौहान, एमएस