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अस्पताल में चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर दी सेवाएं
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर के चिकित्सकों ने मंडी जिला के एक पीएचसी में महिला चिकित्सक के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और चिकित्सकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ मंगलवार को काले बिल्ले लगाकर सेवाएं दीं। इसी के साथ चिकित्सकों ने गेट मीटिंग कर इसके खिलाफ विरोध जताया। एसएमओ डॉ. रमेश चौहान, चिकित्सक संघ के सचिव डॉ. नीरज, डॉ. अभिषेक आदि ने कहा कि प्रदेश में हुई अप्रिय घटनाओं के कारण चिकित्सकों में भारी रोष है। जिला मंडी में हुई घटना तो पूरे प्रदेश का सिर झुका देने वाली है। 19 जून से पूरे प्रदेश में दो घंटों की पेनडाउन स्ट्राइक की जाएगी। इसके अलावा सीएसची घुमारवीं के बीएमओ का किसी अधीनस्थ कर्मचारी की ओर से प्रतिशोधात्मक शिकायत करने पर बिना सुनवाई के उनको निलंबित करना आग में घी का काम कर रहा है।
इसके अलावा पीएचसी खैरा के अभियुक्त पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जोकि रात के 12:30 बजे डॉक्टर के आवास में घुस कर जबरदस्ती वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा था। इसी तरह कई अन्य मामलों में चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार और अन्याय की वजह से पूरे प्रदेश के चिकित्सकों में भारी रोष है। किसी भी हिंसा के मामले को मेडिपर्सन एक्ट के तहत दर्ज नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा पीजी पालिसी के लिए हुए समझौते को लागू न करना डॉक्टरों के हितों से कुठाराघात है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जाए और बीएमओ घुमारवीं के निलंबन को रोककर निष्पक्ष जांच करवाई जाए। 24 घंटे वाले चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। पीजी पॉलिसी को संघ से वार्तालाप करके ठीक किया जाए।
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इसके अलावा पीएचसी खैरा के अभियुक्त पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जोकि रात के 12:30 बजे डॉक्टर के आवास में घुस कर जबरदस्ती वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा था। इसी तरह कई अन्य मामलों में चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार और अन्याय की वजह से पूरे प्रदेश के चिकित्सकों में भारी रोष है। किसी भी हिंसा के मामले को मेडिपर्सन एक्ट के तहत दर्ज नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा पीजी पालिसी के लिए हुए समझौते को लागू न करना डॉक्टरों के हितों से कुठाराघात है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जाए और बीएमओ घुमारवीं के निलंबन को रोककर निष्पक्ष जांच करवाई जाए। 24 घंटे वाले चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। पीजी पॉलिसी को संघ से वार्तालाप करके ठीक किया जाए।
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