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Hamirpur (Himachal) News: 153 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, खेल अधिकारी महज छह
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मंडी में एक पद अभी रिक्त, आईटीआई में पढ़ने वाले खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा मौका
छात्रों को खेल प्रशिक्षण लेने में आ रही है समस्या, संगीत अध्यापक की भी नहीं कोई व्यवस्था
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में भी राज्यस्तर पर आयोजित हो रहीं खेल गतिविधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। प्रदेश में 153 के करीब सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं लेकिन खेल अधिकारियों के महज छह पद स्वीकृत हैं। प्रदेश में वर्ष 1983 से तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत ये प्रशिक्षण संस्थान चल रहे हैं। जबकि, 300 के करीब प्रशिक्षण संस्थान निजी क्षेत्र में चल रहे हैं। सरकारी क्षेत्र की यदि बात करें तो खेल अधिकारी का पद आईटीआई शमशी, मंडी, सोलन, नाहन, चंबा और आईटीआई शाहपुर में ही स्वीकृत हैं। इनमें से भी मंडी में खेल अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। संस्कृत अध्यापकों की भी कोई व्यवस्था नहीं है। 41 वर्षों से तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चलने वाले इन संस्थानों में खेल अधिकारी के पद स्वीकृत नहीं हुए। जबकि हाल ही में जिला हमीरपुर के तहत आने वाले आईटीआई रैल में पुरुष एवं महिला वर्ग की जिलास्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ-साथ महिला वर्ग राज्य स्तर की चार दिवसीय एथलेटिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। प्रदेश स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी कार्यक्रम का न होना प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक है। प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में आईटीआई रैल में पहुंची छात्राएं बंदना चौहान, दीक्षा, राम देई व स्नेहा ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताओं के प्रशिक्षक के रूप में संस्थान की ओर से किसी न किसी प्रशिक्षक को संस्थान में बुलाकर प्रशिक्षण दिलाया जाता है। फिर भी कहीं न कहीं संस्थान में नियमित खेल अधिकारी का पद स्वीकृत न होने की वजह से यह कमी रह जाती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्षों पुराने इस विभाग में भी खेल अधिकारी का पद स्वीकृत करके नियमित तौर पर प्रशिक्षण दिलवाया जाए ताकि अपनी प्रतिभा को राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी निखार सकें। जिला खेल परिषद के अध्यक्ष एवं आईटीआई रैल के प्रधानाचार्य कपिल ठाकुर ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की ओर से विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है और इसमें अंतिम निर्णय तो सरकार को ही लेना होता है। इस बारे में तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक अक्षय सूद ने कहा कि विषय स्तर पर प्रेषित किया गया है और जहां तक खेल प्रशिक्षण की बात है तो इसके लिए विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान करने का फिलहाल प्रयास किया जाता है ताकि प्रशिक्षण संस्थानों के बच्चे भी अपनी प्रतिभा को दिखा सकें।
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छात्रों को खेल प्रशिक्षण लेने में आ रही है समस्या, संगीत अध्यापक की भी नहीं कोई व्यवस्था
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में भी राज्यस्तर पर आयोजित हो रहीं खेल गतिविधियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। प्रदेश में 153 के करीब सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं लेकिन खेल अधिकारियों के महज छह पद स्वीकृत हैं। प्रदेश में वर्ष 1983 से तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत ये प्रशिक्षण संस्थान चल रहे हैं। जबकि, 300 के करीब प्रशिक्षण संस्थान निजी क्षेत्र में चल रहे हैं। सरकारी क्षेत्र की यदि बात करें तो खेल अधिकारी का पद आईटीआई शमशी, मंडी, सोलन, नाहन, चंबा और आईटीआई शाहपुर में ही स्वीकृत हैं। इनमें से भी मंडी में खेल अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। संस्कृत अध्यापकों की भी कोई व्यवस्था नहीं है। 41 वर्षों से तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत चलने वाले इन संस्थानों में खेल अधिकारी के पद स्वीकृत नहीं हुए। जबकि हाल ही में जिला हमीरपुर के तहत आने वाले आईटीआई रैल में पुरुष एवं महिला वर्ग की जिलास्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ-साथ महिला वर्ग राज्य स्तर की चार दिवसीय एथलेटिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। प्रदेश स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी कार्यक्रम का न होना प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक है। प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में आईटीआई रैल में पहुंची छात्राएं बंदना चौहान, दीक्षा, राम देई व स्नेहा ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताओं के प्रशिक्षक के रूप में संस्थान की ओर से किसी न किसी प्रशिक्षक को संस्थान में बुलाकर प्रशिक्षण दिलाया जाता है। फिर भी कहीं न कहीं संस्थान में नियमित खेल अधिकारी का पद स्वीकृत न होने की वजह से यह कमी रह जाती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्षों पुराने इस विभाग में भी खेल अधिकारी का पद स्वीकृत करके नियमित तौर पर प्रशिक्षण दिलवाया जाए ताकि अपनी प्रतिभा को राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी निखार सकें। जिला खेल परिषद के अध्यक्ष एवं आईटीआई रैल के प्रधानाचार्य कपिल ठाकुर ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की ओर से विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है और इसमें अंतिम निर्णय तो सरकार को ही लेना होता है। इस बारे में तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक अक्षय सूद ने कहा कि विषय स्तर पर प्रेषित किया गया है और जहां तक खेल प्रशिक्षण की बात है तो इसके लिए विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान करने का फिलहाल प्रयास किया जाता है ताकि प्रशिक्षण संस्थानों के बच्चे भी अपनी प्रतिभा को दिखा सकें।
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