{"_id":"5bfac753bdec2241cf75d3bb","slug":"151543161683-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आउटसोर्स पर परिचालकों की नियुक्ति पर भड़का संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आउटसोर्स पर परिचालकों की नियुक्ति पर भड़का संघ
Updated Sun, 25 Nov 2018 09:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। सर्व कर्मचारी यूनियन आउटसोर्स आधार पर परिचालकों की भर्ती करने पर भड़क गई है। यूनियन के पदाधिकारियों ने निगम में आउटसोर्स के आधार पर करीब 325 परिचालकों की नियुक्ति का विरोध किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले परिवहन मंत्री ने कहा था कि निगम में जो भी भर्ती होगी वह एसएससी के माध्यम से होगी तो अब सरकार आउटसोर्स के आधार पर परिचालकों की भर्ती क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि इससे निगम घाटे की ओर अग्रसर होगा और बेरोजगार युवाओं का शोषण होगा।
यूनियन के प्रधान राजू राम शर्मा, महासचिव सुरेंद्र पटियाल, अध्यक्ष किशोर कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान सतीश शर्मा, उपप्रधान सुभाष शर्मा, संगठन मंत्री जसवीर पटियाल, सहसचिव रवि ठाकुर, कोषाध्यक्ष राजिंद्र कुमार, सोनी, विजय, जसवीर, विशाल, राजीव आदि का कहना है कि निगम पहले ही करोड़ों रुपये के कर्ज तले दबा हुआ है। आउटसोर्स की नीति खत्म कर निगम में कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय तर्कसंगत नहीं है। पड़ोसी राज्य पंजाब ने रोडवेज का निजीकरण किया था। इसके बाद एक दिन ऐसा आया कि पंजाब रोडवेज की बसें खड़ी होने की कगार पर आ गई थीं। संघ ने परिवहन मंत्री से आह्वान किया है कि वह निगम के हितों की ओर ध्यान दें। यूनियन ने निगम के कर्मचारियों को वित्तीय लाभ, ओवर टाइम और बचे हुए सभी लाभ देने की मांग भी की है।
विज्ञापन
यूनियन के प्रधान राजू राम शर्मा, महासचिव सुरेंद्र पटियाल, अध्यक्ष किशोर कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान सतीश शर्मा, उपप्रधान सुभाष शर्मा, संगठन मंत्री जसवीर पटियाल, सहसचिव रवि ठाकुर, कोषाध्यक्ष राजिंद्र कुमार, सोनी, विजय, जसवीर, विशाल, राजीव आदि का कहना है कि निगम पहले ही करोड़ों रुपये के कर्ज तले दबा हुआ है। आउटसोर्स की नीति खत्म कर निगम में कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय तर्कसंगत नहीं है। पड़ोसी राज्य पंजाब ने रोडवेज का निजीकरण किया था। इसके बाद एक दिन ऐसा आया कि पंजाब रोडवेज की बसें खड़ी होने की कगार पर आ गई थीं। संघ ने परिवहन मंत्री से आह्वान किया है कि वह निगम के हितों की ओर ध्यान दें। यूनियन ने निगम के कर्मचारियों को वित्तीय लाभ, ओवर टाइम और बचे हुए सभी लाभ देने की मांग भी की है।
विज्ञापन