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हमीरपुर में 144 रूटों पर नहीं दौड़ी बसें
अमर उजाला हमीरपुर
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:20 PM IST
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एचआरटीसी कर्मचारियों ने मंगलवार को कोर्ट के आदेशों के बावजूद चक्का जाम कर हड़ताल की। कर्मचारियों ने परिवहन मंत्री और कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। गांधी चौक पर निगम कर्मचारियों ने शंख बजाया और जीएस बाली मुरदाबाद के नारे लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि परिवहन मंत्री सीधा निगम कर्मियों पर हमला कर रहे हैं। ऐसेे में कर्मचारी भी अब सीधा परिवहन मंत्री पर प्रहार करेंगे। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बसें न चलने से अधिकतर कार्यालयों में कर्मचारी देरी से पहुंचे, वहीं छात्रों को भी स्कूल पहुंचने में कठिनाई हुई।
अधिकतर छात्र स्कूल से कड़ी धूप में पैदल घर पहुंचे हैं। हमीरपुर डिपो में डेढ़ सौ से अधिक बसें हैं। ये बसें 144 लोकल और लंबे रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। इससे निगम के खजाने में रोजाना साढ़े 9 से 10 लाख रुपये का बजट आता है। हालांकि मंगलवार को कर्मचारियों की हड़ताल रही, ऐसे में निगम का खजाना भी खाली रहा। सुबह चार बजे कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर में बसें खड़ी कर दी। इसके बाद जो भी बस चालक-परिचालक डिपो पहुंचते गए, हड़ताल में शामिल हो गए। अड्डा परिसर में बसें खड़ी होने के कारण निजी बसें बस अड्डा में प्रवेश नहीं कर पाईं। नादौन, अवाहदेवी और सुजानपुर रूट की बसें भोटा चौक और बड़सर, जाहू आदि की तरफ से आने वाली बसें होटल हमीर से वापस रूटों पर रवाना हुईं। ऐसे में बस अड्डा के बाहर दिन भर जाम की समस्या बनी रही। सभी निजी बसें फुल होकर गंतव्य को रवाना हुईं। भीड़ के चलते महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। वहीं, जिन रूटों पर निजी बस सेवा उपलब्ध नहीं है, उन रूटों पर यात्रियों को पैदल या टैक्सियों के माध्यम से रवाना होना पड़ा। ऐसे में टैक्सी ऑपरेटरों ने भी खूब चांदी बटोरी है। कुल मिलाकर हड़ताल के चलते आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष नटरंजन कुमार, शिव कुमार, सुरेश कुमार, जगरन्नाथ, तरसेम चंद, सुशील कुमार, अमरनाथ, राजू राम, राजेश कुमार, सेवानिवृत्त कर्मचारी अजमेर ठाकुर, हरि राम आदि मौजूद रहे।
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बाक्स:
टैक्सी स्टॉप को बनाया अस्थाई बस स्टॉप
यात्रियों की सुविधा के लिए बस अड्डा के बाहर टैक्सी स्टेंड से टैक्सियों को हटा दिया गया। इसकी जगह यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थाई बस स्टॉप बनाया गया। रूटों पर रवाना होने से पहले तीन से पांच मिनट के लिए बसें यहां खड़ी हुईं। सवारियां चढ़ाने के बाद बसें यहां से निर्धारित रूटों को रवाना हुईं।
बाक्स:
कोर्ट के आदेश मिलने पर करेंगे सम्मान : शांडिल
संयुक्त समन्वय समिति सदस्य नानक चंद शांडिल ने कहा कि कर्मचारी न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं। कोर्ट के आदेशों की उन्हें कोई लिखित प्रति नहीं मिली है। ऐसे में कर्मचारियों की मंगलवार को हड़ताल जारी रही। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की प्रति मिलती है तो इसका पूरा सम्मान किया जाएगा।
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अधिकतर छात्र स्कूल से कड़ी धूप में पैदल घर पहुंचे हैं। हमीरपुर डिपो में डेढ़ सौ से अधिक बसें हैं। ये बसें 144 लोकल और लंबे रूटों पर सेवाएं दे रही हैं। इससे निगम के खजाने में रोजाना साढ़े 9 से 10 लाख रुपये का बजट आता है। हालांकि मंगलवार को कर्मचारियों की हड़ताल रही, ऐसे में निगम का खजाना भी खाली रहा। सुबह चार बजे कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर में बसें खड़ी कर दी। इसके बाद जो भी बस चालक-परिचालक डिपो पहुंचते गए, हड़ताल में शामिल हो गए। अड्डा परिसर में बसें खड़ी होने के कारण निजी बसें बस अड्डा में प्रवेश नहीं कर पाईं। नादौन, अवाहदेवी और सुजानपुर रूट की बसें भोटा चौक और बड़सर, जाहू आदि की तरफ से आने वाली बसें होटल हमीर से वापस रूटों पर रवाना हुईं। ऐसे में बस अड्डा के बाहर दिन भर जाम की समस्या बनी रही। सभी निजी बसें फुल होकर गंतव्य को रवाना हुईं। भीड़ के चलते महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। वहीं, जिन रूटों पर निजी बस सेवा उपलब्ध नहीं है, उन रूटों पर यात्रियों को पैदल या टैक्सियों के माध्यम से रवाना होना पड़ा। ऐसे में टैक्सी ऑपरेटरों ने भी खूब चांदी बटोरी है। कुल मिलाकर हड़ताल के चलते आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
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इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष नटरंजन कुमार, शिव कुमार, सुरेश कुमार, जगरन्नाथ, तरसेम चंद, सुशील कुमार, अमरनाथ, राजू राम, राजेश कुमार, सेवानिवृत्त कर्मचारी अजमेर ठाकुर, हरि राम आदि मौजूद रहे।
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टैक्सी स्टॉप को बनाया अस्थाई बस स्टॉप
यात्रियों की सुविधा के लिए बस अड्डा के बाहर टैक्सी स्टेंड से टैक्सियों को हटा दिया गया। इसकी जगह यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थाई बस स्टॉप बनाया गया। रूटों पर रवाना होने से पहले तीन से पांच मिनट के लिए बसें यहां खड़ी हुईं। सवारियां चढ़ाने के बाद बसें यहां से निर्धारित रूटों को रवाना हुईं।
बाक्स:
कोर्ट के आदेश मिलने पर करेंगे सम्मान : शांडिल
संयुक्त समन्वय समिति सदस्य नानक चंद शांडिल ने कहा कि कर्मचारी न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं। कोर्ट के आदेशों की उन्हें कोई लिखित प्रति नहीं मिली है। ऐसे में कर्मचारियों की मंगलवार को हड़ताल जारी रही। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की प्रति मिलती है तो इसका पूरा सम्मान किया जाएगा।