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आर्थिक रूप से मजबूत बनें महिलाएं : लखनपाल
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अमर उजाला ब्यूरो
रंगस (हमीरपुर)। जब तक देश की महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर रहेंगी, नारी सशक्तीकरण के प्रयास सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए सबसे पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनना होगा। जब कोई महिला आत्मनिर्भर होगी तो उसका समाज में शोषण भी नहीं होगा। यह उद्गार उप पुलिस अधीक्षक हमीरपुर हितेश लखनपाल ने शुक्रवार को त्रिशा कॉलेज ऑफ एजूकेशन जोलसप्पड़ हमीरपुर में अमर उजाला के अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रकट किए।
उन्होंने कहा कि शोषण का कारण आर्थिक कमजोरी भी है। उन्होंने केरल समेत दक्षिण भारत की महिलाओं के उदाहरण देकर कहा कि इन राज्यों के पुरुष देश से बाहर नौकरी और कारोबार कर रहे हैं। जबकि महिलाएं अपने घर पर रहकर आत्मनिर्भर हैं। डीएसपी ने लिंग भेद, लोकतंत्र, मनोविज्ञान, आर्थिक स्वतंत्रता, घरेलू हिंसा, नशे के दुष्प्रभाव, मनोभाव जागरूकता, सामाजिक बदलाव समेत विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। खासकर परीक्षाओं में तनाव से दूर रहने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नारी शक्ति से आह्वान किया कि वह अपनी क्षमता को पहचाने और जिस भी कार्य को करना चाहें उसे सच्ची लग्न, कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ करें। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा चुनाव में मतदान और मतदाता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
बाक्स:
स्वस्थ महिला से बनेगा स्वस्थ समाज : शुक्ला
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य विभाग हमीरपुर से जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने कहा कि महिलाओं का अपराजिता बनना बहुत जरूरी है। लेकिन, इसके लिए महिलाओं का सबसे पहले स्वास्थ्य के प्रति ध्यान देना होगा। स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है। शुक्ला ने माहवारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता को अपनाने के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अनीमिया के कारण कई बीमारियों की संभावना रहती है। इसलिए महिलाएं संतुलित आहार लें। उन्होंने हरी पत्तेदार सब्जियों, प्रोटीनयुक्त भोजन, छिलके वाली दालें और लोहे की कढ़ाई मेें बने भोजन से होने वाले फायदे बताए। रोजाना हरेक घंटे में एक गिलास पानी पीने, हाथ धोने के सही तरीके, धूम्रपान के सेवन से होने वाली बीमारियों, कैंसर, एच-1, एन-1 समेत स्वाइन फ्लू आदि की जानकारी दी।
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महिलाओं को किया प्रोत्साहित
प्रधानाचार्य डॉ. जयश्री समान्तराय ने कहा कि नारी सशक्तीकरण के बारे में ‘अमर उजाला’ की पहल सराहनीय है। नारी का समाज में कर्तव्य और दायित्व का अहम योगदान है। कार्यक्रम में महिला के आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेवारियों की जानकारी के अलावा शिक्षा एवं सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कॅरिअर काउंसलिंग का बेहतर प्रयास : पूनम
कॉलेज की सहायक प्रोफेसर पूनम भारद्वाज ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, नारी गरिमा बनाए रखने और घरेलू हिंसा रोकने समेत कॅरिअर काउंसलिंग का बेहतर प्रयास है। आज महिलाएं पुरुषों के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
महिला अधिकारों के बारे में मिली जानकारी
प्रशिक्षु अध्यापक निहारिका ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से आत्मनिर्भर बनने, घरेलू हिंसा अधिनियम और संविधान से प्रदत्त महिला अधिकारों के बारे में जानकारी मिली है।
तनावमुक्त जीवन के बारे में जाना : शिवानी
प्रशिक्षु अध्यापक शिवानी ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से महिलाओं को अपने स्तर पर निर्णय लेने, आत्मनिर्भरता के अलावा तनावमुक्त जीवन के बारे में जानकारी मिली। इस कार्यक्रम से महिलाओं और पुरुषों को अपनी मानसिकता में बदलाव की जानकारी भी मिली।
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रंगस (हमीरपुर)। जब तक देश की महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर रहेंगी, नारी सशक्तीकरण के प्रयास सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए सबसे पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनना होगा। जब कोई महिला आत्मनिर्भर होगी तो उसका समाज में शोषण भी नहीं होगा। यह उद्गार उप पुलिस अधीक्षक हमीरपुर हितेश लखनपाल ने शुक्रवार को त्रिशा कॉलेज ऑफ एजूकेशन जोलसप्पड़ हमीरपुर में अमर उजाला के अपराजिता 100-मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रकट किए।
उन्होंने कहा कि शोषण का कारण आर्थिक कमजोरी भी है। उन्होंने केरल समेत दक्षिण भारत की महिलाओं के उदाहरण देकर कहा कि इन राज्यों के पुरुष देश से बाहर नौकरी और कारोबार कर रहे हैं। जबकि महिलाएं अपने घर पर रहकर आत्मनिर्भर हैं। डीएसपी ने लिंग भेद, लोकतंत्र, मनोविज्ञान, आर्थिक स्वतंत्रता, घरेलू हिंसा, नशे के दुष्प्रभाव, मनोभाव जागरूकता, सामाजिक बदलाव समेत विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। खासकर परीक्षाओं में तनाव से दूर रहने के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित नारी शक्ति से आह्वान किया कि वह अपनी क्षमता को पहचाने और जिस भी कार्य को करना चाहें उसे सच्ची लग्न, कड़ी मेहनत और ईमानदारी के साथ करें। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा चुनाव में मतदान और मतदाता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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स्वस्थ महिला से बनेगा स्वस्थ समाज : शुक्ला
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य विभाग हमीरपुर से जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला ने कहा कि महिलाओं का अपराजिता बनना बहुत जरूरी है। लेकिन, इसके लिए महिलाओं का सबसे पहले स्वास्थ्य के प्रति ध्यान देना होगा। स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ समाज का निर्माण हो सकता है। शुक्ला ने माहवारी के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता को अपनाने के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अनीमिया के कारण कई बीमारियों की संभावना रहती है। इसलिए महिलाएं संतुलित आहार लें। उन्होंने हरी पत्तेदार सब्जियों, प्रोटीनयुक्त भोजन, छिलके वाली दालें और लोहे की कढ़ाई मेें बने भोजन से होने वाले फायदे बताए। रोजाना हरेक घंटे में एक गिलास पानी पीने, हाथ धोने के सही तरीके, धूम्रपान के सेवन से होने वाली बीमारियों, कैंसर, एच-1, एन-1 समेत स्वाइन फ्लू आदि की जानकारी दी।
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महिलाओं को किया प्रोत्साहित
प्रधानाचार्य डॉ. जयश्री समान्तराय ने कहा कि नारी सशक्तीकरण के बारे में ‘अमर उजाला’ की पहल सराहनीय है। नारी का समाज में कर्तव्य और दायित्व का अहम योगदान है। कार्यक्रम में महिला के आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेवारियों की जानकारी के अलावा शिक्षा एवं सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कॅरिअर काउंसलिंग का बेहतर प्रयास : पूनम
कॉलेज की सहायक प्रोफेसर पूनम भारद्वाज ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं की सुरक्षा, नारी गरिमा बनाए रखने और घरेलू हिंसा रोकने समेत कॅरिअर काउंसलिंग का बेहतर प्रयास है। आज महिलाएं पुरुषों के साथ हर क्षेत्र में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
महिला अधिकारों के बारे में मिली जानकारी
प्रशिक्षु अध्यापक निहारिका ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से आत्मनिर्भर बनने, घरेलू हिंसा अधिनियम और संविधान से प्रदत्त महिला अधिकारों के बारे में जानकारी मिली है।
तनावमुक्त जीवन के बारे में जाना : शिवानी
प्रशिक्षु अध्यापक शिवानी ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम से महिलाओं को अपने स्तर पर निर्णय लेने, आत्मनिर्भरता के अलावा तनावमुक्त जीवन के बारे में जानकारी मिली। इस कार्यक्रम से महिलाओं और पुरुषों को अपनी मानसिकता में बदलाव की जानकारी भी मिली।