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मुंडखर में गौसदन के लिए नहीं मिली सही जमीन
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:30 PM IST
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जाहू(हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत मुंडखर में सही भूमि न मिलने के कारण गोसदन का निर्माण नहीं हो पाया है। पंचायत क्षेत्र में वर्तमान में दर्जनों लावारिस पशु घूम रहे हैं। इसके चलते सरकार की गौसदन बनाने की योजना मुंडखर पंचायत में सिरे नहीं चढ़ पाई है। गोसदन बनाने की प्रक्रिया बीते दो वर्षों से पूरी नहीं हो पाई है। पंचायत क्षेत्र में लावारिस पशुओं की अधिक संख्या होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पशु किसानों की खेती को नष्ट कर रहे हैं और फसलों को चट कर जा रहे हैं।
किसानों की समस्या को देखते हुए मुंडखर पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पारित करके गोसदन निर्माण के लिए सरकारी भूमि के कुछ खसरा नंबर दिए थे। यहां तक इस भूमि की निशानदेही के लिए राजस्व विभाग के पास आवेदन भी किया है। पंचायत द्वारा दिए गए खसरा नंबर मुंडखर पुल के पास न होकर कोट और मुंडखर पंचायत की सीमा के साथ लगते हैं और यह भूमि बिखरी हुई है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और किसानों की गोसदन निर्माण की मांग पूरी नहीं हो पाई है। दो साल से इसके लिए आस लगाए किसानों को निराशा का सामना करना पड़ा है। पंचायत प्रधान प्रकाश चंद का कहना है कि पिछली पंचायत के समय संबंधित विभाग ने पुल के पास सरकारी भूमि दिखाई थी। जब दूसरी बार निशानदेही ली गई तो उसी खसरा नंबर को दूसरी जगह दिखाया। जो बिल्कुल खड्ड के बीच में है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि गोसदन के लिए सरकारी जगह का ठीक ढंग से चयन किया जाए।
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किसानों की समस्या को देखते हुए मुंडखर पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रस्ताव पारित करके गोसदन निर्माण के लिए सरकारी भूमि के कुछ खसरा नंबर दिए थे। यहां तक इस भूमि की निशानदेही के लिए राजस्व विभाग के पास आवेदन भी किया है। पंचायत द्वारा दिए गए खसरा नंबर मुंडखर पुल के पास न होकर कोट और मुंडखर पंचायत की सीमा के साथ लगते हैं और यह भूमि बिखरी हुई है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और किसानों की गोसदन निर्माण की मांग पूरी नहीं हो पाई है। दो साल से इसके लिए आस लगाए किसानों को निराशा का सामना करना पड़ा है। पंचायत प्रधान प्रकाश चंद का कहना है कि पिछली पंचायत के समय संबंधित विभाग ने पुल के पास सरकारी भूमि दिखाई थी। जब दूसरी बार निशानदेही ली गई तो उसी खसरा नंबर को दूसरी जगह दिखाया। जो बिल्कुल खड्ड के बीच में है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि गोसदन के लिए सरकारी जगह का ठीक ढंग से चयन किया जाए।
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