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Hamirpur (Himachal) News: न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर 108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों ने किया प्रदर्शन
Sat, 14 Feb 2026 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:55 AM IST
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सीटू के बैनर तले 108 और 102 एंबुलेंस कर्मी डीसी कार्यालय के समीप नारेबाजी करते हुए। संवाद
हमीरपुर। सीटू के बैनर तले 108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों ने न्यूनतम वेतन देने समेत अन्य मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है। शुक्रवार को 108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज से जिलाधीश कार्यालय तक रैली निकाली।
इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों ने डीसी कार्यालय के समीप प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एंबुलेंस कर्मी 17 फरवरी तक हड़ताल पर हैं। एंबुलेंस कर्मियों में राजेश, संजीव, विशाल आदि ने बताया कि कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। इस कारण गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
वहीं, जब यूनियन के माध्यम से मांगों के लिए आवाज बुलंद की जाती है, तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। कर्मचारियों को नियमों के मुताबिक छुट्टियां भी नहीं दी जाती हैं। इपीएफ और ईएसआई के क्रियान्वयन में भारी त्रुटियां हैं। श्रम कानूनों का भी उल्लंघन हो रहा है।
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उन्होंने मांग की है कि चार लेबर कोड निरस्त किया जाए। मजदूरों को न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 30 हजार रुपये दिया जाए। कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। जिन कर्मचारियों के तबादला आदेश हुए हैं, उनके तबादला आदेश रद्द किए जाएं। नौकरी से निकाले कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए। कर्मचारियों के वेतन में हर वर्ष कम से कम दस फीसदी वृद्धि की जाए।
बॉक्स
स्वास्थ्य विभाग के चालकों की ड्यूटी
108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिएं। स्वास्थ्य विभाग के चालकों और फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगा दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के चालक 108 और 102 एंबुलेंस को चला रहे हैं। जिले में 108 और 102 की 21 गाड़ियां सेवाएं दे रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि सभी बीएमओ को चालकों और फार्मासिस्ट की सेवाएं लेने के निर्देश दिए हैं।
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इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों ने डीसी कार्यालय के समीप प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एंबुलेंस कर्मी 17 फरवरी तक हड़ताल पर हैं। एंबुलेंस कर्मियों में राजेश, संजीव, विशाल आदि ने बताया कि कर्मचारियों को सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। इस कारण गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
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वहीं, जब यूनियन के माध्यम से मांगों के लिए आवाज बुलंद की जाती है, तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। कर्मचारियों को नियमों के मुताबिक छुट्टियां भी नहीं दी जाती हैं। इपीएफ और ईएसआई के क्रियान्वयन में भारी त्रुटियां हैं। श्रम कानूनों का भी उल्लंघन हो रहा है।
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उन्होंने मांग की है कि चार लेबर कोड निरस्त किया जाए। मजदूरों को न्यूनतम वेतन प्रतिमाह 30 हजार रुपये दिया जाए। कर्मचारियों के लिए छुट्टियों का प्रावधान किया जाए। जिन कर्मचारियों के तबादला आदेश हुए हैं, उनके तबादला आदेश रद्द किए जाएं। नौकरी से निकाले कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए। कर्मचारियों के वेतन में हर वर्ष कम से कम दस फीसदी वृद्धि की जाए।
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स्वास्थ्य विभाग के चालकों की ड्यूटी
108 और 102 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिएं। स्वास्थ्य विभाग के चालकों और फार्मासिस्टों की ड्यूटी लगा दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के चालक 108 और 102 एंबुलेंस को चला रहे हैं। जिले में 108 और 102 की 21 गाड़ियां सेवाएं दे रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि सभी बीएमओ को चालकों और फार्मासिस्ट की सेवाएं लेने के निर्देश दिए हैं।