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पूर्व सैनिकों की गलत तरीके से हुई पदोन्नतियां हों रद्द :मंच
Updated Fri, 05 Jan 2018 10:50 PM IST
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हमीरपुर। हिमाचल शिक्षक मंच ने प्रदेश सरकार द्वारा भूतपूर्व सैनिकों को केवल आर्थिक लाभ देने व वरिष्ठता न देने के निर्णय का स्वागत किया है। मंच के संयोजक सदस्य अश्वनी भट्ट, संजय मोगू, अनिश बन्याल, विजय शमशेर भंडारी, तपिश थापा, अजय चौधरी व अमित शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय सराहनीय है। नई सरकार की पहली कैबिनेट में ही लिए गए इस निर्णय से अब प्रदेश मे नियमित पदोन्नतियों की राह खुल गई है। सदस्यों ने मांग की है कि कि सभी पूर्व सैनिकों को जो शिक्षा विभाग में गलत तरीके से पदोन्नतियां प्राप्त करके प्रधानाचार्य, शिक्षा उपनिदेशक या मुख्याध्यापक के पदों पर कार्यरत हैं, उनकी पदोन्नतियों को तुरंत रद्द करके उन्हें उनके मूल पदों पर वापस किया जाए।
इनके स्थान पर वरिष्ठता सूची के अनुसार योग्य अध्यापकों को पदोन्नत किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में कार्यरत प्रधानाचार्यों को वेतन केवल मुख्याध्यापक या प्रवक्ता पद का ही मिल रहा है। प्रदेश के सैकड़ों प्रधानाचार्य तो बिना नियमित पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिनके वित्तीय लाभ अभी तक देय पड़े हैं। शिक्षक मंच ने मांग की है कि प्रदेश के हजारों प्रधानाचार्यों की पदोन्नतियों को अब और न लटकाया जाए व वर्तमान आर्थिक वर्ष की समाप्ति से पूर्व ही सभी की पदोन्नतियों को नियमित करके नियुक्ति की तिथि से ही लाभ दिए जाएं। सदस्यों का कहना है कि पूर्व मे प्रदेश मे शिक्षा विभाग का जिम्मा स्वयं मुख्यमंत्री के पास होने से इस विभाग के लिए समय की कमी रही है। परंतु वर्तमान सरकार ने शिक्षा के महत्व समझते हुए इसके लिए मंत्री सुरेश भारद्वाज को प्रभार दिया है। जिस वजह से प्रदेश के समस्त शिक्षक समाज को उम्मीद है कि अब शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण हो पाएगा।
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इनके स्थान पर वरिष्ठता सूची के अनुसार योग्य अध्यापकों को पदोन्नत किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में कार्यरत प्रधानाचार्यों को वेतन केवल मुख्याध्यापक या प्रवक्ता पद का ही मिल रहा है। प्रदेश के सैकड़ों प्रधानाचार्य तो बिना नियमित पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिनके वित्तीय लाभ अभी तक देय पड़े हैं। शिक्षक मंच ने मांग की है कि प्रदेश के हजारों प्रधानाचार्यों की पदोन्नतियों को अब और न लटकाया जाए व वर्तमान आर्थिक वर्ष की समाप्ति से पूर्व ही सभी की पदोन्नतियों को नियमित करके नियुक्ति की तिथि से ही लाभ दिए जाएं। सदस्यों का कहना है कि पूर्व मे प्रदेश मे शिक्षा विभाग का जिम्मा स्वयं मुख्यमंत्री के पास होने से इस विभाग के लिए समय की कमी रही है। परंतु वर्तमान सरकार ने शिक्षा के महत्व समझते हुए इसके लिए मंत्री सुरेश भारद्वाज को प्रभार दिया है। जिस वजह से प्रदेश के समस्त शिक्षक समाज को उम्मीद है कि अब शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण हो पाएगा।
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