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हिमाचल प्रदेश: आरकेएस बजट पर सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, बड़े अस्पताल खर्च कर सकेंगे 70 फीसदी राशि
Sun, 06 Sep 2026 09:53 AM IST
Ankesh Dogra
सचिन चौधरी, धर्मशाला।
सचिन चौधरी, धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 06 Sep 2026 09:53 AM IST
सार
सरकार ने रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के बजट को लेकर बड़ा संशोधन किया है। अब मेडिकल कॉलेज, जोनल और सिविल अस्पताल आरकेएस बजट का 70 फीसदी खर्च कर सकेंगे, जबकि 30 फीसदी राशि कोषागार में जमा होगी। सीएचसी और पीएचसी को पूरी 100 फीसदी राशि खर्च करने की अनुमति दी गई है। इससे अस्पताल प्रबंधन को राहत मिली है और मरीजों की सुविधाओं से जुड़े जरूरी कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर फंड उपलब्ध रहेगा।
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रोगी कल्याण समिति
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए गठित रोगी कल्याण समिति यानी आरकेएस के बजट को लेकर सरकार ने अपने पहले फैसले में संशोधन किया है। सरकार की ओर से जारी नई अधिसूचना के बाद अब अस्पतालों के लिए आरकेएस की राशि खर्च करने की सीमा स्पष्ट हो गई है।
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नए आदेश के तहत मेडिकल कॉलेज, जोनल अस्पताल और सिविल अस्पताल आरकेएस बजट की 70 फीसदी राशि अपने स्तर पर खर्च कर सकेंगे। शेष 30 फीसदी राशि अस्पताल प्रशासन को कोषागार में जमा करवानी होगी। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी सीएचसी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी पीएचसी को आरकेएस की 100 फीसदी राशि खर्च करने की अनुमति दी गई है।
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सरकार का यह संशोधित फैसला बड़े अस्पतालों में वित्तीय निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ छोटे और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित सीएचसी और पीएचसी को स्थानीय स्तर पर मरीजों की जरूरत के अनुसार तत्काल राशि खर्च करने की स्वतंत्रता रहेगी।
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इससे पहले सरकार ने आरकेएस की पूरी राशि कोषागार में जमा करवाने का निर्णय लिया था। इस फैसले के बाद अस्पताल प्रबंधन को आशंका थी कि रोजमर्रा की जरूरतों और छोटे-मोटे कार्यों के लिए भी सरकारी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी, जिससे मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।
13 अगस्त को जारी अधिसूचना के बाद अब अस्पतालों की श्रेणी के अनुसार वित्तीय सीमा तय कर दी गई है। बड़े अस्पताल स्वीकृत 70 फीसदी राशि का इस्तेमाल आरकेएस के नियमों के तहत मरीजों की सुविधाओं, आवश्यक दवाओं और अस्पताल के रखरखाव जैसे कार्यों पर कर सकेंगे।
अस्पताल प्रबंधन ने सरकार के इस संशोधित फैसले को राहत देने वाला बताया है। उनका कहना है कि आरकेएस की राशि का उद्देश्य ही मरीजों की तत्काल जरूरतों को पूरा करना है। यदि पूरी राशि कोषागार में चली जाती तो छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता।
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने कहा कि सरकार के आदेशों के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो गई है कि अस्पताल आरकेएस का कितना बजट खर्च कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह राशि मरीजों की सुविधाओं पर ही खर्च होती है और किसी भी कार्य से पहले आरकेएस सदस्यों की अनुमति ली जाती है।
अस्पताल प्रबंधन ने सरकार के इस संशोधित फैसले को राहत देने वाला बताया है। उनका कहना है कि आरकेएस की राशि का उद्देश्य ही मरीजों की तत्काल जरूरतों को पूरा करना है। यदि पूरी राशि कोषागार में चली जाती तो छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता।
क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला की एमएस डॉ. अनुराधा शर्मा ने कहा कि सरकार के आदेशों के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो गई है कि अस्पताल आरकेएस का कितना बजट खर्च कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह राशि मरीजों की सुविधाओं पर ही खर्च होती है और किसी भी कार्य से पहले आरकेएस सदस्यों की अनुमति ली जाती है।