फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dharamshala News ›   China's evil eye on Tibet's Larung Gar Buddhist Academy

साजिश: तिब्बत की लारुंग गार बौद्ध अकादमी पर चीन की नापाक नजर, तैनात किए 400 चीनी सैनिक, उतारे हेलिकॉप्टर

Tue, 31 Dec 2024 04:40 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 31 Dec 2024 04:40 AM IST
सार

चीन ने पूर्वी तिब्बत की सरतार काउंटी स्थित दुनिया के सबसे बड़े बौद्ध अध्ययन केंद्र लारुंग गार बौद्ध अकादमी में 400 सैनिकों की तैनाती करने के साथ ही हेलिकॉप्टर भेजे हैं।

विज्ञापन
China's evil eye on Tibet's Larung Gar Buddhist Academy
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

तिब्बत का मुद्दा लगभग 74 साल से चीन के गले की फांस बना हुआ है। वह इस क्षेत्र पर हमले के बाद 1951 से अपना दावा करता आ रहा है। अब उसने क्षेत्र पर कड़े नियंत्रण के लिए पूर्वी तिब्बत की सरतार काउंटी स्थित दुनिया के सबसे बड़े बौद्ध अध्ययन केंद्र लारुंग गार बौद्ध अकादमी में 400 सैनिकों की तैनाती करने के साथ ही हेलिकॉप्टर भेजे हैं। यह जानकारी केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) ने तिब्बत से आईं रिपोर्ट के हवाले से दी है।

विज्ञापन

चीन के इस कदम को इस क्षेत्र में चीनी नियंत्रण को और मजबूत करने की रणनीति और अकादमी में धार्मिक गतिविधियों पर सख्त नजर रखने की कोशिश माना जा रहा है। सीटीए के मुताबिक, 20 दिसंबर 2024 को चीनी सैनिकों की तैनाती और हेलिकॉप्टर भेजना इस बात की तरफ इशारा करता है कि चीन यहां सख्त निगरानी करेगा और तिब्बती बौद्ध अध्ययन केंद्र में अपना शिकंजा और कसेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

लगातार लगा रहा प्रतिबंध, कर रहा बेदखल
लारुंग गार की 1980 में स्थापित किया गया था। यह लंबे वक्त से बौद्ध भिक्षुओं का आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। आध्यात्मिक शिक्षा की गहराई में डूब जाने की इच्छा रखने वाले बौद्धों के लिए इसकी खासी अहमियत है। हालांकि, चीनी सरकार इस अकादमी को तिब्बती पहचान और स्वायत्तता के केंद्र तौर पर देखती आ रही है और इस पर लगातार प्रतिबंध लगाती आ रही है। बीते वक्त में भी चीन यहां अपनी दबंगई दिखाता रहा है। चीन ने पिछले दमन में खासतौर से 2016-2017 में हजारों मठवासी आवासों को ध्वस्त करने के साथ ही यहां के कई अभ्यासियों को जबरन बेदखल कर दिया गया था। नतीजन लारुंग गार की आबादी लगभग 10,000 से घटकर आधी हो गई है।

विज्ञापन

आबादी को कम कर चाहता है पूरा नियंत्रण
सीटीए के मुताबिक, रिपोर्ट इशारा करती हैं कि चीन लारुंग गार में नए नियम लागू करने की योजना बना रहा है। इनके तहत चीनी सरकार यहां रहने वाले बौद्ध भिक्षुओं और भिक्षुणियों की निवास अवधि पर अंकुश लगाए जाने की तैयारी में है। इसमें यहां रहने का दायरा अधिकतम 15 साल तक सीमित करना शामिल है। इसके अलावा सभी भिक्षुओं और भिक्षुणियों को सरकारी पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इसके साथ ही यहां धार्मिक अभ्यासियों की कुल संख्या कम होने की उम्मीद है। चीनी छात्रों को लारुंग गार छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। इसे चीन के अकादमी की आबादी को और कम करने की कोशिशों की तरह देखा जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed