CM Sukhu: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- सत्र के बीच नहीं होंगे शिक्षकों के तबादले
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश गुणात्मक शिक्षा में देशभर में 21वें स्थान पर पहुंच गया है। इसलिए शैक्षणिक सत्र के बीच अध्यापकों का स्थानांतरण न करने का फैसला लिया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हमारा उद्देश्य नए स्कूल और महाविद्यालय खोलना ही नहीं है, बल्कि अध्यापकों की समुचित तैनाती और अन्य सुविधाएं जुटाना भी है। वह राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला में बुधवार को वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि प्रदेश गुणात्मक शिक्षा में देशभर में 21वें स्थान पर पहुंच गया है। इसलिए शैक्षणिक सत्र के बीच अध्यापकों का स्थानांतरण न करने का फैसला लिया है। भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप नीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव में भी बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास कर रही है।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे- बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए युवाओं को दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देना होगा। कहा कि राज्य सरकार ने 4000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया है तथा विधवाओं के 23 हजार बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर 20 लाख रुपये का ऋण उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध करवा रही है।
विदेश में नौकरी करने गए युवाओं का ख्याल रखेगी सरकार
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के बच्चों को विदेशों में नौकरी करने लिए सुविधा मुहैया करवाएगी। वहीं जो बच्चे सउदी अरब गए हैं, सरकार उनका ट्रेस एंड ट्रैक भी रखेगी, जिससे उनके साथ किसी प्रकार का शोषण न हो। उन बच्चों का सरकार ख्याल रखेगी।