{"_id":"67fe4f54de82a3248a0e944b","slug":"cm-sukhu-said-after-sikkim-pangi-will-become-second-sub-division-in-the-country-to-practice-natural-farming-2025-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal Pradesh: सीएम सुक्खू बोले- सिक्किम के बाद देश का दूसरा प्राकृतिक खेती करने वाला उपमंडल बनेगा पांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal Pradesh: सीएम सुक्खू बोले- सिक्किम के बाद देश का दूसरा प्राकृतिक खेती करने वाला उपमंडल बनेगा पांगी
Tue, 15 Apr 2025 05:51 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, किलाड़ (पांगी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, किलाड़ (पांगी)।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 15 Apr 2025 05:51 PM IST
सार
राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किलाड़ में कहा कि सिक्किम के बाद हिमाचल का पांगी उपमंडल देश का ऐसा दूसरा इलाका बनेगा, जहां पर फसलों, सब्जियों और फलों को पूरी तरह प्राकृतिक खेती के जरिये पैदा किया जाएगा।
विज्ञापन
पांगी में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सूबे में चंबा जिले का जनजातीय क्षेत्र पांगी पहला प्राकृतिक खेती करने वाला उपमंडल बनेगा। राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किलाड़ में यह घोषणा की। पांगी में अब खेतीबाड़ी और बागवानी में रासायनिक खादों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा। यहां पैदा होने वाली फसल, फल और सब्जियां पूरी तरह ऑर्गेनिक होंगी। इनकी बाजार में किसानों और बागवानों को अच्छी कीमत मिलेगी। सिक्किम के बाद हिमाचल का पांगी उपमंडल देश का ऐसा दूसरा इलाका बनेगा, जहां पर फसलों, सब्जियों और फलों को पूरी तरह प्राकृतिक खेती के जरिये पैदा किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पांगी में प्राकृतिक खेती के लिए पांच करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पांगी उपमंडल की 19 पंचायतों में अब खेतीबाड़ी और बागवानी में यूरिया का इस्तेमाल नहीं होगा। ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए राज्य सरकार बेहतर मंडी की व्यवस्था करेगी। पागी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र का किलाड़ पीर पंजाल और मध्य हिमालय के बीच चिनाब नदी के किनारे बसी हुई खूबसूरत घाटी है। पांगी किलाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ जंगली ड्राई फ्रूट थांगी के लिए भी प्रसिद्ध है। कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ नरेश नायक ने बताया कि पांगी उपमंडल में 1881 हेक्टेयर भूमि पर कृषि और बागवानी हो रही है। इनमें से लगभग 600 हेक्टेयर जमीन पर सेब के बगीचे हैं। पांगी में आलू, फूलगोभी, बंद गोभी, गेहूं, जौ, मक्की, ब्रोकली, टमाटर, राजमा और हरे मटर की खेती भी होती है। अब प्राकृतिक खेती के अंतर्गत पूरे उपमंडल में रासायनिक खादों का इस्तेमाल बंद होगा।
विज्ञापन