Churdhar Yatra: चूड़धार यात्रा पर रोक, पांच माह तक नहीं होंगे शिरगुल महाराज के दर्शन; मई में खुलेगा मंदिर
अब श्रद्धालुओं को पांच माह तक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर शिरगुल महाराज के दर्शन नहीं होंगे, क्योंकि चूड़धार की यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी है।
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हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार की यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। अब श्रद्धालुओं को पांच माह तक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर शिरगुल महाराज के दर्शन नहीं होंगे। एसडीएम संगड़ाह ने इसकी पुष्टि की है। प्रशासन के आदेशानुसार एक मई तक चूड़धार यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। चूड़धार की चोटी पर बर्फबारी की संभावनाओं के बाद चूड़ेश्वर सेवा समिति का सारा स्टाफ और कारोबारी भी अपने घरों को लौट गए हैं। अब यहां न ठहरने की व्यवस्था है और न ही खाने-पीने की। मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अब चूड़धार की यात्रा न करें।
बता दें कि सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी पर ठिठुरन बढ़ गई है। तापमान माइनस में चला गया है। मंदिर में सिर्फ स्वामी कमलानंद महाराज तपस्या में लीन हैं। एसडीएम ने जारी आदेशों में श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि मंदिर के कपाट न खुलने तक चूड़धार की यात्रा न करें। आदेश की अवहेलना के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हर साल एक दिसंबर को चूड़धार में विराजमान शिरगुल देवता मंदिर के कपाट बंद होने के साथ ही चूड़धार यात्रा पर आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लग जाता है।