Himachal: करुणामूलक आधार पर अब एक छत के नीचे होगी जेओए आईटी की भर्ती, सरकार ने बदली व्यवस्था
सरकार ने इन पदों के लिए अलग राज्य काडर बनाकर करुणामूलक नियुक्तियों समेत पूरी प्रक्रिया को भर्ती निदेशालय के अधीन ला दिया है।
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हिमाचल प्रदेश में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पदों की भर्ती व्यवस्था में प्रशासनिक बदलाव कर दिया है। सरकार ने इन पदों के लिए अलग राज्य काडर बनाकर करुणामूलक नियुक्तियों समेत पूरी प्रक्रिया को भर्ती निदेशालय के अधीन ला दिया है। सभी विभाग में अपने स्तर पर जेओए आईटी की नियुक्तियां करने पर रोक लगा दी गई है। अब पूरी प्रक्रिया एक केंद्रीकृत तंत्र के माध्यम से संचालित होगी। बुधवार को कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार करुणामूलक आधार पर नियुक्ति के पात्र मामलों में संबंधित विभाग सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद प्रस्ताव भर्ती निदेशालय को भेजेंगे।
अंतिम नियुक्ति पत्र भी निदेशालय ही जारी करेगा। भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न विभागों में जओए आईटी पदों पर भर्ती की अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण काडर प्रबंधन और सेवा शर्तों में असमानता देखने को मिल रही थी। इसके चलते राज्य सरकार ने पहले मार्च 2025 में भर्ती निदेशालय का गठन किया और फिर मार्च 2026 में जेओए आईटी का पृथक राज्य काडर तैयार किया। अब यह काडर भर्ती निदेशालय के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेगा और करुणामूलक आधार पर नियुक्त होने वाले कर्मचारी भी इसी कैडर का हिस्सा माने जाएंगे।
भर्ती के लिए दो समानांतर व्यवस्थाओं को किया समाप्त
कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि जेओए आईटी की भर्ती के लिए दो समानांतर व्यवस्थाएं नहीं चलेंगी। विभागीय स्तर पर होने वाली नियुक्तियों और राज्य काडर के बीच किसी प्रकार का टकराव या दोहराव नहीं होगा। इसका उद्देश्य सभी नियुक्तियों को एक ही नीति और मानकों के तहत संचालित करना है।
करुणामूलक नियुक्तियों को मिलेगा संस्थागत ढांचा
सरकार की नई व्यवस्था से करुणामूलक नियुक्तियों की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। अब पात्रता की जांच, विभागीय औपचारिकताओं और नियुक्ति आदेश जारी करने की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित होंगी। इससे मामलों के लंबित रहने और प्रक्रिया में भिन्नता जैसी समस्याओं में कमी आ सकती है।