{"_id":"6a566a4a4e319c241d030eda","slug":"women-took-the-lead-on-the-ninth-day-of-the-bjps-relay-hunger-strike-in-pangi-chamba-news-c-88-1-ssml1004-189927-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: पांगी में भाजपा के क्रमिक अनशन के नौवें दिन महिलाओं ने संभाला मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: पांगी में भाजपा के क्रमिक अनशन के नौवें दिन महिलाओं ने संभाला मोर्चा
Wed, 15 Jul 2026 10:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:26 AM IST
विज्ञापन
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में विभिन्न मांगों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का क्रमिक अनशन मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। सुबह महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस दौरान जिला परिषद सदस्य सुनीता नेगी, महिला मोर्चा परमस-किलाड़ की उपाध्यक्ष चंद्रो, किसान मोर्चा पांगी की सचिव अनीता, रंजीता और बिमला क्रमिक अनशन पर बैठीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पांगी क्षेत्र की लगातार अनदेखी कर रही है।
उनका कहना है कि घाटी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जबकि अस्पताल में भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष मांगें उठाई गईं लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
भाजपा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में भी बदला जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और पांगी प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
इस दौरान जिला परिषद सदस्य सुनीता नेगी, महिला मोर्चा परमस-किलाड़ की उपाध्यक्ष चंद्रो, किसान मोर्चा पांगी की सचिव अनीता, रंजीता और बिमला क्रमिक अनशन पर बैठीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार पांगी क्षेत्र की लगातार अनदेखी कर रही है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि घाटी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जबकि अस्पताल में भी लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष मांगें उठाई गईं लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
भाजपा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में भी बदला जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और पांगी प्रशासन की होगी।