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बसों के इंतजार में मुसाफिर परेशान
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चंबा। निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। दूसरी ओर एचआरटीसी बसों में ओवरलोडिंग की जा रही है। घर जल्द पहुंचने की चाह में लोग भी कोविड नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं। सरकारी बसों में 50 फीसदी के नियम को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर निजी बसों के पहिये थमने से सवारियां घंटों बस अड्डे में बसों का इंतजार कर रही हैं। इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एचआरटीसी प्रबंधन ने बुधवार को जिले के तीन लोकल रूटों पर सवारियों की क्षमता के आधार पर बसों को चलाया। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के बाद अब सरकारी बसों में कोविड को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की खूब धज्जियां उड़ रही हैं। उधर, निजी बस ऑपरेटरों की आठ माह बाद भी विशेष पथ कर, पथ कर और वर्किंग कैप्टिल संबंधी मांगें पूरी न होने से वे तीन दिन से हड़ताल पर हैं। जिले में 132 रूटों पर निजी बसें नहीं चल रही हैं। जिले के विभिन्न रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। बुधवार को समय पर लोगों को बस न मिलने से वे यहां-वहां भटकते हुए देखे गए। खैर, सरकारी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां होने पर कोरोना संक्रमण का भी खतरा बढ़ सकता है।
आरएम चंबा राजन कुमार जम्वाल ने बताया कि बुधवार को 96 रूटों पर एचआरटीसी की बसें भेजी गईं। उन्होंने कहा कि सवारियों की सुविधा के लिए मंगला, करियां और सिल्लाघ्राट के लिए अतिरिक्त बसें चलाई गईं। कहा कि कोविड नियमों का पालन करने के बारे में चालक-परिचालकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
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एचआरटीसी प्रबंधन ने बुधवार को जिले के तीन लोकल रूटों पर सवारियों की क्षमता के आधार पर बसों को चलाया। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के बाद अब सरकारी बसों में कोविड को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की खूब धज्जियां उड़ रही हैं। उधर, निजी बस ऑपरेटरों की आठ माह बाद भी विशेष पथ कर, पथ कर और वर्किंग कैप्टिल संबंधी मांगें पूरी न होने से वे तीन दिन से हड़ताल पर हैं। जिले में 132 रूटों पर निजी बसें नहीं चल रही हैं। जिले के विभिन्न रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। बुधवार को समय पर लोगों को बस न मिलने से वे यहां-वहां भटकते हुए देखे गए। खैर, सरकारी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां होने पर कोरोना संक्रमण का भी खतरा बढ़ सकता है।
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आरएम चंबा राजन कुमार जम्वाल ने बताया कि बुधवार को 96 रूटों पर एचआरटीसी की बसें भेजी गईं। उन्होंने कहा कि सवारियों की सुविधा के लिए मंगला, करियां और सिल्लाघ्राट के लिए अतिरिक्त बसें चलाई गईं। कहा कि कोविड नियमों का पालन करने के बारे में चालक-परिचालकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
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