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कहां गए आठ लाख, एचआरटीसी करेगा जांच
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चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम प्रबंधन ने चालक विश्राम गृह के लिए जारी की राशि की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने कार्यालय कर्मचारियों को इस राशि के इस्तेमाल का पता लगाने के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल, यह राशि वर्ष 2017-18 में चालक विश्राम गृह के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने जारी की थी लेकिन वर्तमान में स्थिति ऐसी है कि विश्राम गृह तो नहीं बना लेकिन एक स्टोर में चालक चंद घंटों की नींद पूरी कर रहे हैं।
एक तरफ जहां पत्थरों के सहारे बेड टिकाए गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस स्टोर की छत की हालत भी काफी दयनीय है। चालकों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। खबर का असर यह रहा कि अब एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से इस मामले की जांच तेज कर दी गई है। प्रबंधन ने इस राशि को लेकर कर्मचारियों से जवाब तलब किया है और इसकी रिपोर्ट बिना विलंब मांगी गई है। राजकीय
चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष ओम शंकर ने बताया कि चालकों की इस समस्या के बारे में वर्ष 2017 में उपायुक्त को अवगत करवाया गया था और आठ लाख की राशि प्रबंधन को जारी की गई लेकिन वर्तमान में इस राशि का कोई अता-पता नहीं है। चालक रूट से आने के बाद एक स्टोर में आराम करने के लिए मजबूर हैं। कहा कि एचआरटीसी प्रबंधन चालकों को राहत देते हुए जल्द विश्राम गृह की व्यवस्था करे। क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। इस राशि को लेकर जांच की जा रही है। कहा कि चालकों की समस्या का समाधान प्रमुखता के साथ किया जाएगा।
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एक तरफ जहां पत्थरों के सहारे बेड टिकाए गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस स्टोर की छत की हालत भी काफी दयनीय है। चालकों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। खबर का असर यह रहा कि अब एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से इस मामले की जांच तेज कर दी गई है। प्रबंधन ने इस राशि को लेकर कर्मचारियों से जवाब तलब किया है और इसकी रिपोर्ट बिना विलंब मांगी गई है। राजकीय
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चालक-परिचालक यूनियन के अध्यक्ष ओम शंकर ने बताया कि चालकों की इस समस्या के बारे में वर्ष 2017 में उपायुक्त को अवगत करवाया गया था और आठ लाख की राशि प्रबंधन को जारी की गई लेकिन वर्तमान में इस राशि का कोई अता-पता नहीं है। चालक रूट से आने के बाद एक स्टोर में आराम करने के लिए मजबूर हैं। कहा कि एचआरटीसी प्रबंधन चालकों को राहत देते हुए जल्द विश्राम गृह की व्यवस्था करे। क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। इस राशि को लेकर जांच की जा रही है। कहा कि चालकों की समस्या का समाधान प्रमुखता के साथ किया जाएगा।
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