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Chamba News: नदी-नालों में ठिकाने लगा दिया मिंजर मेले से निकला गीला कचरा
Fri, 09 Aug 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 09 Aug 2024 10:06 PM IST
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चंबा में सुल्तानपुर के पास सड़क किनारे लगा कूड़े का ढेर।संवाद
चंबा। मिंजर मेले के दौरान नदी-नालों को दूषित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नगर परिषद को नोटिस जारी किया है। मेले के दौरान चौगान से इकट्ठा होने वाला गीला कचरा नगर परिषद के सफाई ठेकेदार निष्पादित करने के बजाय नदी-नालों में ठिकाने लगा रहे हैं।
इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें नगर परिषद से सात दिन में जवाब मांगा है। नगर परिषद से पूछा है कि गीला कचरा कूड़ा संयंत्र में वैज्ञानिक तरीके से क्यों निष्पादित नहीं किया गया है। इसको लेकर जवाब देना होगा। कुरांह कूड़ा संयंत्र में अभी तक जितनी मात्रा में गीला कचरा चौगानों से उठाकर पहुंचाया गया है, उतनी मात्रा में कचरा चौगान नंबर-एक, दो, तीन और चार से रोजाना निकल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जैसे ही इसकी भनक लगी तो बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता टीम को लेकर फील्ड का दौरा किया। उन्हें करियां में नाले में गीला कचरा ठिकाने लगा मिला। यह सारा कचरा मिंजर के दौरान चौगान से उठाकर वहां फेंका गया था। एक कंपनी की बाइक एजेंसी के सामने, तत्वानी और आईटीआई के पास सहित अन्य स्थानों में कूड़े कचरे के ढेर लगे हैं।
नगर परिषद सफाई ठेकेदारों को शहर का कूड़ा-कर्कट कूड़ा संयंत्र कुरांह तक पहुंचाने के लिए मासिक भुगतान कर रही है। चौगान से निकलने वाले कूड़े को उठाने के लिए अलग से खर्च किया गया है। बावजूद इसके चौगान से निकलने वाला गीला कचरा कूड़ा संयंत्र में पहुंचाने के बजाय नदी-नालों में ठिकाने लगाया जा रहा है। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। बरसात का मौसम भी शुरू हो चुका है। ऐसे में नदी-नालों के तटों पर जमा गीला कचरा बीमारी फैलने का कारण बन सकता है। इन्ही नदी-नालों का पानी पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि मिंजर मेले के दौरान निकलने वाला गीला कचरा नगर परिषद ने सही तरीके से निष्पादित नहीं किया है। नप को नोटिस जारी किया गया है। इसका जवाब सात दिन में देना होगा। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें नगर परिषद से सात दिन में जवाब मांगा है। नगर परिषद से पूछा है कि गीला कचरा कूड़ा संयंत्र में वैज्ञानिक तरीके से क्यों निष्पादित नहीं किया गया है। इसको लेकर जवाब देना होगा। कुरांह कूड़ा संयंत्र में अभी तक जितनी मात्रा में गीला कचरा चौगानों से उठाकर पहुंचाया गया है, उतनी मात्रा में कचरा चौगान नंबर-एक, दो, तीन और चार से रोजाना निकल रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जैसे ही इसकी भनक लगी तो बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता टीम को लेकर फील्ड का दौरा किया। उन्हें करियां में नाले में गीला कचरा ठिकाने लगा मिला। यह सारा कचरा मिंजर के दौरान चौगान से उठाकर वहां फेंका गया था। एक कंपनी की बाइक एजेंसी के सामने, तत्वानी और आईटीआई के पास सहित अन्य स्थानों में कूड़े कचरे के ढेर लगे हैं।
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नगर परिषद सफाई ठेकेदारों को शहर का कूड़ा-कर्कट कूड़ा संयंत्र कुरांह तक पहुंचाने के लिए मासिक भुगतान कर रही है। चौगान से निकलने वाले कूड़े को उठाने के लिए अलग से खर्च किया गया है। बावजूद इसके चौगान से निकलने वाला गीला कचरा कूड़ा संयंत्र में पहुंचाने के बजाय नदी-नालों में ठिकाने लगाया जा रहा है। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। बरसात का मौसम भी शुरू हो चुका है। ऐसे में नदी-नालों के तटों पर जमा गीला कचरा बीमारी फैलने का कारण बन सकता है। इन्ही नदी-नालों का पानी पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि मिंजर मेले के दौरान निकलने वाला गीला कचरा नगर परिषद ने सही तरीके से निष्पादित नहीं किया है। नप को नोटिस जारी किया गया है। इसका जवाब सात दिन में देना होगा। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।