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भरमौर चौक के पास लगे हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल
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चंबा। शहर के जुलाहकड़ी वार्ड में भरमौर चौक के पास लगे हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल हो गया है। इस पेयजल को जुलाहकड़ी वार्ड के लोगों सहित सड़क से गुजरने वाले राहगीर भी इस्तेमाल कर रहे थे।
गौरतलब है कि एक माह पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस हैंडपंप के पानी का सैंपल भरा था। पानी को जांच के लिए धर्मशाला स्थित विभाग की प्रयोगशाला में भेजा गया। पूरी तरह से पानी की जांच करने पर इसकी गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। इसके चलते प्रयोगशाला ने इस पानी को पीने लायक नहीं बताया।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड के उच्चाधिकारी ने हैंडपंप को सील करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हैंडपंप को सील करने से पहले जलशक्ति विभाग से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलते ही इसे सील कर दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों को इसका पानी न पीने का परामर्श दिया गया है। हैंडपंप का पानी पीने वाले लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि उन्हें कोई बीमारी तो नहीं लग जाएगी।
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टीडीएस की मात्रा निकली अधिक
हैंडपंप के पानी में टीडीएस (टोटल डिजॉल्व साल्ट) की मात्रा अधिक पाई गई है। इस पानी को पीने वाले लोगों में पथरी होने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में जो लोग लंबे समय से इस हैंडपंप का पानी पी रहे थे, उन्हें मेडिकल कॉलेज में अपनी जांच भी करवानी चाहिए। यह पानी छोटे बच्चों और युवाओं के लिए ज्यादा हानिकारक है। पेयजल में टीडीएस की मात्रा अधिक बढ़ने के पीछे तेजी से जलस्तर का गिरना भी बताया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल हो गया है। इसे सील करने के आदेश उन्हें मिले हैं। जलशक्ति विभाग से रिपोर्ट लेने के बाद इसे सील कर दिया जाएगा।
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गौरतलब है कि एक माह पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस हैंडपंप के पानी का सैंपल भरा था। पानी को जांच के लिए धर्मशाला स्थित विभाग की प्रयोगशाला में भेजा गया। पूरी तरह से पानी की जांच करने पर इसकी गुणवत्ता सही नहीं पाई गई। इसके चलते प्रयोगशाला ने इस पानी को पीने लायक नहीं बताया।
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प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड के उच्चाधिकारी ने हैंडपंप को सील करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हैंडपंप को सील करने से पहले जलशक्ति विभाग से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट मिलते ही इसे सील कर दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों को इसका पानी न पीने का परामर्श दिया गया है। हैंडपंप का पानी पीने वाले लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि उन्हें कोई बीमारी तो नहीं लग जाएगी।
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टीडीएस की मात्रा निकली अधिक
हैंडपंप के पानी में टीडीएस (टोटल डिजॉल्व साल्ट) की मात्रा अधिक पाई गई है। इस पानी को पीने वाले लोगों में पथरी होने की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में जो लोग लंबे समय से इस हैंडपंप का पानी पी रहे थे, उन्हें मेडिकल कॉलेज में अपनी जांच भी करवानी चाहिए। यह पानी छोटे बच्चों और युवाओं के लिए ज्यादा हानिकारक है। पेयजल में टीडीएस की मात्रा अधिक बढ़ने के पीछे तेजी से जलस्तर का गिरना भी बताया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि हैंडपंप के पानी का सैंपल फेल हो गया है। इसे सील करने के आदेश उन्हें मिले हैं। जलशक्ति विभाग से रिपोर्ट लेने के बाद इसे सील कर दिया जाएगा।