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उत्तराखंड की गेंहू जिला के खेतों में लहलहाएगी
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चंबा। उत्तराखंड का गेहूं इस बार जिले के खेतों में लहलहाएगा। पौष्टिक तत्वों से भरपूर उत्तराखंड की गेहूं का 1186 क्विंटल बीज जिला में पहुंचा है। जिसे कृषि विभाग के विभिन्न बिक्री केंद्रों से किसान खरीद कर अपने खेतों में इसकी बिजाई कर सकते हैं। विभागीय बिक्री केंद्रों में 17.69 रुपये की दर से यह बीज उपलब्ध है।
विभाग के उत्तराखंड के अलावा ऊना और सोलन से भी 800 क्विंटल के करीब गेहूं का बीज पहुंच चुका है। गेहूं की बिजाई के लिए नवंबर मध्य से लेकर दिसंबर मध्य तक का समय अनुकूल माना जाता है। वहीं, जिला में बारिश के बाद अब किसान भी अपने खेतों में गेहूं बिजाई के कार्य में जुटने वाले हैं।
गौर रहे कि जिले के 70 फीसदी भू-भाग में खेतीबाड़ी कर ग्रामीण अपना जीवन यापन कर रहे हैं। किसानों को समयानुसार विभिन्न फसलों संबंधी बीज उपलब्ध करवाने के लिए कृषि विभाग भी प्रयासरत है। इसी क्रम में इस मर्तबा विभाग की ओर से गेहूं बीज की 1786 क्विंटल की डिमांड विभाग को भेजी गई। जिसमें सबसे अधिक चंबा, भटियात, सलूणी और तीसा की रही। डिमांड के अनुसार विभाग के पास के पास 1186 क्विंटल उत्तराखंड और 800 क्विंटल ऊना और सोलन से गेहूं की बीज पहुंचा है। किसानों को लिए उपलब्ध 1786 क्विंटल गेहूं का बीज 3317 रुपये के हिसाब से बिक्री होगा। जिस पर किसानों को 1600 रुपये की सब्सिडी रहेगी।
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किसान 17.69 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से गेहूं खरीद सकेंगे। वहीं, विभागीय अधिकारी ने किसानों को सलाह दी है कि वे प्रति हेक्टेयर भूमि पर नाइट्रोजन, फारफोरस और पोटास को खेतों में बिजाई के समय डाले। जिससे गेहूं की उम्दा पैदावार हो सके।
दिसंबर मध्य तक बिजाई का अनुकूल समय
कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि किसानों की डिमांड अनुसार 1786 क्विंटल गेहूं की खेप पहुंच चुकी है। इसके अलावा विभाग की ओर से 200 क्विंटल दूसरी गेहूं की डिमांड भेजी गई है। कहा कि नवंबर मध्य से दिसंबर मध्य तक बिजाई का अनुकूल समय है। दिसंबर मध्य के बाद गेहूं की बिजाई करने पर उसकी पैदावार कम होती जाती है।
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विभाग के उत्तराखंड के अलावा ऊना और सोलन से भी 800 क्विंटल के करीब गेहूं का बीज पहुंच चुका है। गेहूं की बिजाई के लिए नवंबर मध्य से लेकर दिसंबर मध्य तक का समय अनुकूल माना जाता है। वहीं, जिला में बारिश के बाद अब किसान भी अपने खेतों में गेहूं बिजाई के कार्य में जुटने वाले हैं।
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गौर रहे कि जिले के 70 फीसदी भू-भाग में खेतीबाड़ी कर ग्रामीण अपना जीवन यापन कर रहे हैं। किसानों को समयानुसार विभिन्न फसलों संबंधी बीज उपलब्ध करवाने के लिए कृषि विभाग भी प्रयासरत है। इसी क्रम में इस मर्तबा विभाग की ओर से गेहूं बीज की 1786 क्विंटल की डिमांड विभाग को भेजी गई। जिसमें सबसे अधिक चंबा, भटियात, सलूणी और तीसा की रही। डिमांड के अनुसार विभाग के पास के पास 1186 क्विंटल उत्तराखंड और 800 क्विंटल ऊना और सोलन से गेहूं की बीज पहुंचा है। किसानों को लिए उपलब्ध 1786 क्विंटल गेहूं का बीज 3317 रुपये के हिसाब से बिक्री होगा। जिस पर किसानों को 1600 रुपये की सब्सिडी रहेगी।
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किसान 17.69 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से गेहूं खरीद सकेंगे। वहीं, विभागीय अधिकारी ने किसानों को सलाह दी है कि वे प्रति हेक्टेयर भूमि पर नाइट्रोजन, फारफोरस और पोटास को खेतों में बिजाई के समय डाले। जिससे गेहूं की उम्दा पैदावार हो सके।
दिसंबर मध्य तक बिजाई का अनुकूल समय
कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि किसानों की डिमांड अनुसार 1786 क्विंटल गेहूं की खेप पहुंच चुकी है। इसके अलावा विभाग की ओर से 200 क्विंटल दूसरी गेहूं की डिमांड भेजी गई है। कहा कि नवंबर मध्य से दिसंबर मध्य तक बिजाई का अनुकूल समय है। दिसंबर मध्य के बाद गेहूं की बिजाई करने पर उसकी पैदावार कम होती जाती है।