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अस्पतालों में धूल फांक रहीं अल्ट्रासाउंड की मशीनें

Mon, 18 Oct 2021 07:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 07:12 PM IST
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Ultrasound machines gathering dust in hospitals
Ultrasound machines gathering dust in hospitals
चंबा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दर्जनों बार पत्राचार करने के बावजूद प्रदेश सरकार चंबा जिले के पांच सिविल अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं कर पाई है। हालात यह हैं कि अस्पतालों में लाखों रुपयों से खरीदी गई अल्ट्रासाउंड की मशीनें धूल फांक रही हैं।
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विभाग ने मशीनों को कमरे में बंद कर रखा है क्योंकि उन्हें चलाने वाला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है। विधानसभा सत्र के दौरान सरकार स्वास्थ्य विभाग से अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट के पदों का आंकड़ा तो मांगती है लेकिन, सत्र खत्म होने के बाद उन आंकड़ों को पूरा करने की जहमत नहीं उठाई जाती। चंबा जिले की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य जिलों की तुलना में भिन्न हैं। ज्यादातर लोग पहाड़ों और दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। उनकी सुविधा के लिए सरकार ने उपमंडल स्तर पर भले ही सिविल अस्पताल खोल रखे हों लेकिन, इनमें सबसे जरूरी टेस्ट करने की सुविधा नहीं की गई है।
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मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पचास से साठ किमी दूर मेडिकल कॉलेज चंबा या निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। यहां कई बार मरीजों का नंबर नहीं लग पाता। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। क्योंकि, अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें वाहनों में इतना लंबा सफर तय करना पड़ता है। उसके बाद लैबों के बाहर भीड़ में धक्के खाने पड़ते हैं।
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सरकारी अस्पताल में मरीजों के अल्ट्रासाउंड सहित अन्य सभी प्रकार के टेस्ट मुफ्त किए जाते हैं जबकि, निजी लैबों में मरीजों से टेस्ट के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए कुछ निजी लैब संचालकों ने अल्ट्रासाउंड के रेट भी बढ़ा दिए हैं। इसको लेकर भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कुछ दिन पहले भरमौर से अल्ट्रासाउंड के लिए चंबा आई एक गर्भवती महिला की वापसी में बीच रास्ते वाहन दुर्घटना में मौत हो गई। दुर्घटना में महिला के साथ उसका पति भी काल का ग्रास बन गया। अगर, भरमौर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा होती तो शायद महिला और उसका पति आज जिंदा होते। यही हाल जिले के अन्य क्षेत्रों का भी है।
सिविल अस्पताल किहार, तीसा, भरमौर, किलाड़ और चुवाड़ी में मशीनें होने के बावजूद मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। लाखों की धनराशि खर्च कर लगाई गई मशीनों का मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से कई बार सरकार को रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती करने को लेकर पत्राचार किया गया है। रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती सरकार की ओर से की जाएगी। रेडियोलॉजिस्ट के अलावा अन्य कोई भी मरीजों के अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकता है।
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