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Chamba News: चेक बाउंस मामले में दोषी महिला को दो साल का साधारण कारावास
Wed, 19 Nov 2025 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 19 Nov 2025 10:27 PM IST
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चंबा। व्यक्तिगत जरूरतों के लिए पांच लाख रुपये का ऋण लेकर दिए चेक का बाउंस होना आरोपी महिला पर भारी पड़ गया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंबा डॉ. पार्थ जैन की अदालत ने दोषी महिला को दो वर्ष का साधारण कारावास और 6.40 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का कारावास भुगतना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार व्यक्तिगत जरूरतों के लिए योग देवी ने विशाल ठाकुर से जून 2021 में पांच लाख रुपये ऋण के रूप में लिए। उसने शिकायतकर्ता से कहा कि वह उक्त ऋण राशि को एक साल की अनुबंधित समय अवधि में वापस लौटा देगी।
जमानत के तौर पर आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता को चेक सौंपा और अनुबंधित समय के भीतर ही उधार लिए पैसे वापस करने की बात कही। जिस पर व्यक्ति ने उसे पैसे उधार दे दिए। इसके बाद निर्धारित समयावधि बीतने के बाद भी पैसे वापस न मिलने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी महिला से संपर्क साध कर पैसे मांगे। जिस पर आरोपी आजकल में पैसे लौटाने की बात कहने लगी।
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उसकी बातों में विश्वास कर विशाल ठाकुर ने उसे और समय दे दिया। इसके बाद योग देवी को विशाल ने फोन किए तो उन्होंने उठाना भी बंद कर दिया। लिहाजा, उन्होंने आरोपी महिला की तलाश कर उससे पैसे मांगे, लेकिन उसने फिर टाल-मटोल कर दिया।
इस पर व्यक्ति ने उसके द्वारा दिया गया चेक बैंक में लगा दिया। आरोपी महिला के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस हो गया। जिस पर बैंक प्रबंधन की ओर से व्यक्ति से संपर्क साध कर उक्त खाते में पैसे न होने की बात बताई गई। न्याय न मिलता देख व्यक्ति ने आरोपी महिला के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की। मामले के तहत अब अदालत ने शिकातकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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जानकारी के अनुसार व्यक्तिगत जरूरतों के लिए योग देवी ने विशाल ठाकुर से जून 2021 में पांच लाख रुपये ऋण के रूप में लिए। उसने शिकायतकर्ता से कहा कि वह उक्त ऋण राशि को एक साल की अनुबंधित समय अवधि में वापस लौटा देगी।
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जमानत के तौर पर आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता को चेक सौंपा और अनुबंधित समय के भीतर ही उधार लिए पैसे वापस करने की बात कही। जिस पर व्यक्ति ने उसे पैसे उधार दे दिए। इसके बाद निर्धारित समयावधि बीतने के बाद भी पैसे वापस न मिलने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी महिला से संपर्क साध कर पैसे मांगे। जिस पर आरोपी आजकल में पैसे लौटाने की बात कहने लगी।
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उसकी बातों में विश्वास कर विशाल ठाकुर ने उसे और समय दे दिया। इसके बाद योग देवी को विशाल ने फोन किए तो उन्होंने उठाना भी बंद कर दिया। लिहाजा, उन्होंने आरोपी महिला की तलाश कर उससे पैसे मांगे, लेकिन उसने फिर टाल-मटोल कर दिया।
इस पर व्यक्ति ने उसके द्वारा दिया गया चेक बैंक में लगा दिया। आरोपी महिला के बैंक खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस हो गया। जिस पर बैंक प्रबंधन की ओर से व्यक्ति से संपर्क साध कर उक्त खाते में पैसे न होने की बात बताई गई। न्याय न मिलता देख व्यक्ति ने आरोपी महिला के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की। मामले के तहत अब अदालत ने शिकातकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।