{"_id":"33f34c58dbdf9daa27ef4b9ec8cb46fb","slug":"two-flight-in-pangi-chanba-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबा-पांगी के बीच हुई दोहरी उड़ान, 79 यात्री हुए साच पास के आर-पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबा-पांगी के बीच हुई दोहरी उड़ान, 79 यात्री हुए साच पास के आर-पार
ब्यूरो, अमर उजाला/ (चंबा)।
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करीब चार दिन से लगातार हेलीपैड से मायूस लौट रहे घाटी के लोगों के लिए मंगलवार को ताबड़तोड़ उड़ानों से भारी राहत मिली है। मंगलवार को 79 यात्री पांगी घाटी के आर-पार हुए हैं।
इनमें सुबह साच से हेलीकॉप्टर पहली उड़ान में 20 यात्रियों को लेकर चंबा आया था। जबकि हेलीकॉप्टर ने चंबा से किलाड़ के लिए 22 यात्रियों को लेकर उड़ान भरी और किलाड़ से 22 यात्रियों को वापस चंबा लेकर आया। दिन की आखिरी उड़ान में 15 यात्रियों को लेकर हेलीकॉप्टर किलाड़ रवाना हुआ है। एक के बाद एक दो हवाई उड़ाने होने से जरूरतमंद लोगों को काफी राहत मिली है। पांगी के लिए उड़ान का शेड्यूल पिछले एक हफ्ते से जारी हो रहा था और इस दौरान वरिष्ठता के आधार पर यात्रियों को प्रशासनिक अधिकारी हेलीपैड पर बुला रहे थे। लेकिन ऐन मौके पर उड़ान रद्द हो रही थी। जिससे उन्हें घरों को लौटना पड़ रहा था।
चंबा से पांगी के बीच यात्रा का शुल्क 1500 रुपये है और बहुत से लोगों ने पंजीकरण करवा रखे हैं। प्रशासन वरिष्ठता के आधार पर लोगों को घाटी के आर-पार जाने का मौका मिलता है। उधर, उपायुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि भविष्य में उड़ानें शेड्यूल के हिसाब से होंगी और वरिष्ठता सूची के आधार पर यात्रियों को पांगी जाने की इजाजत दी जाएगी। जिसमें मरीजों और विद्यार्थियों को प्राथमिकता रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनमें सुबह साच से हेलीकॉप्टर पहली उड़ान में 20 यात्रियों को लेकर चंबा आया था। जबकि हेलीकॉप्टर ने चंबा से किलाड़ के लिए 22 यात्रियों को लेकर उड़ान भरी और किलाड़ से 22 यात्रियों को वापस चंबा लेकर आया। दिन की आखिरी उड़ान में 15 यात्रियों को लेकर हेलीकॉप्टर किलाड़ रवाना हुआ है। एक के बाद एक दो हवाई उड़ाने होने से जरूरतमंद लोगों को काफी राहत मिली है। पांगी के लिए उड़ान का शेड्यूल पिछले एक हफ्ते से जारी हो रहा था और इस दौरान वरिष्ठता के आधार पर यात्रियों को प्रशासनिक अधिकारी हेलीपैड पर बुला रहे थे। लेकिन ऐन मौके पर उड़ान रद्द हो रही थी। जिससे उन्हें घरों को लौटना पड़ रहा था।
विज्ञापन
चंबा से पांगी के बीच यात्रा का शुल्क 1500 रुपये है और बहुत से लोगों ने पंजीकरण करवा रखे हैं। प्रशासन वरिष्ठता के आधार पर लोगों को घाटी के आर-पार जाने का मौका मिलता है। उधर, उपायुक्त एम सुधा देवी का कहना है कि भविष्य में उड़ानें शेड्यूल के हिसाब से होंगी और वरिष्ठता सूची के आधार पर यात्रियों को पांगी जाने की इजाजत दी जाएगी। जिसमें मरीजों और विद्यार्थियों को प्राथमिकता रहेगी।
विज्ञापन