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Chamba News: बिना हिमकार्ड महंगा हो गया सफर, पूरा किराया देकर घर पहुंचीं महिलाएं

Wed, 01 Apr 2026 10:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Wed, 01 Apr 2026 10:44 PM IST
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Travel without Himcard became expensive, women reached home after paying full fare
राहत खत्म, अब परिवहन निगम की नई व्यवस्था लागू होने से बढ़ गया किराया
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महिलाएं बोलीं- जानकारी के अभाव में नहीं बनवा पाईं कार्ड, नहीं मिला मुफ्त सेवा का लाभ
जिले में अब तक करीब 2500 महिलाएं बनवा चुकी हैं हिम बस कार्ड
रिंपी ठाकुर
चंबा। जिले में बुधवार को बसें अपने तय रूट पर ही चलीं लेकिन सफर का हिसाब बदल गया। सीट वही, रास्ता वही,- किराया अचानक बढ़ गया।
जो महिलाएं रोज की तरह सामान्य सफर समझकर बस में चढ़ीं, उन्हें नियमों के नए मोड़ पर खड़ा होना पड़ा। आधी राहत खत्म हो चुकी थी और पूरा किराया उनका इंतजार कर रहा था। एक अप्रैल से हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की नई व्यवस्था लागू होते ही महिलाओं के सफर पर सीधा असर देखने को मिला। एक अप्रैल से हिम बस कार्ड के बिना यात्रा करने पर आधे किराये की सुविधा समाप्त कर दी गई है। इसके चलते कई महिलाओं को सरकारी बसों में पूरा किराया देना पड़ा।
दिन : बुधवार, समय : दोपहर 12 बजे, स्थान : नया बस स्टैंड चंबा। चंबा डिपो से चलने वाली एचआरटीसी बसों में महिलाओं को बढ़े हुए किराये ने चौंका दिया। जिन मार्गों पर पहले 50 रुपये किराया लगता था, वहां अब पूरा किराया वसूला गया। 12:30 बजे चंबा से बनीखेत जा रही बस में महिलाएं बैठी हैं। कंडक्टर टिकट काटने के लिए आता है। हिमकार्ड न होने पर पूरा किराया मांगता है। महिलाएं पूछती हैं कि किराये में छूट का क्या। परिचालक बोलता है, अब हिमकार्ड न होने पर पूरा किराया लगेगा। ऐसे में महिलाओं का 50 रुपये किराया लेता है। पहले महिलाओं के चंबा से चनेड़ के लिए 25 रुपये लगते थे।
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1:20 बजे चंबा-पठानकोट जाने वाली बस में बिना हिमकार्ड महिलाओं से 250 रुपये की जगह 500 रुपये किराया लिया गया। परिचालकों ने भी साफ कर दिया कि अब केवल हिमकार्ड, स्मार्ट कार्ड या ग्रीन कार्ड धारक महिलाओं को ही आधे किराये की सुविधा दी जा रही है। बिना कार्ड वाली महिलाओं से नियम के अनुसार पूरा किराया वसूला जाएगा। महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस नई व्यवस्था की समय रहते जानकारी नहीं मिल पाई। हालांकि, कुछ महिलाओं के पास स्मार्ट कार्ड, ग्रीन कार्ड और हिमकार्ड उपलब्ध थे। दरअसल, परिवहन निगम ने पहले ही 31 मार्च के बाद बिना हिमकार्ड के छूट समाप्त करने की घोषणा कर दी थी। बावजूद इसके बड़ी संख्या में महिलाएं इस बदलाव से अनजान रहीं। नतीजतन, यात्रा के दौरान उन्हें पूरा किराया देने के लिए मजबूर होना पड़ा। परिवहन निगम के मुताबिक अब तक करीब 2500 महिलाओं के हिम बस कार्ड बनवा चुकी हैं।
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यह फैसला आर्थिक बोझ बन गया है। हमें इसकी पहले सही जानकारी नहीं दी गई। अचानक किराया बढ़ाकर रोज सफर करने वालों पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया गया है। - वीना देवी
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एक ही दिन में 50 से 100 रुपये तक फर्क पड़ना आम महिला के लिए बहुत बड़ी बात है। चंबा से चनेड़ के लिए पहले 50 रुपये लगते थे, अब 50 रुपये किराया देना पड़ा। - बिंता देवी
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आज तो पूरा किराया देना पड़ा लेकिन आगे के लिए चिंता बढ़ गई है। हर दिन इतना खर्च उठाना आसान नहीं है। अब हिमकार्ड बनवाना मजबूरी बन गया है, तभी कुछ राहत मिल पाएगी। - रजनी देवी


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एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि हिमकार्ड बनवाने की समय-सीमा दो बार बढ़ाई गई थी, लेकिन अब नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं अभी भी आधार कार्ड के माध्यम से हिम बस कार्ड बनवा सकती हैं।

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