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Chamba News: विशेषज्ञों के बजाय प्रशिक्षुओं ने टटोली नब्ज
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की महिला ओपीडी में महिलाओं का इलाज करने के लिए महिला विशेषज्ञ के बजाय एमबीबीएस प्रशिक्षु मौजूद रहे। तीन महिला विशेेषज्ञ होने के बावजूद ओपीडी में मरीजों की जांच करने के लिए कोई विशेेषज्ञ नजर नहीं आया। विशेषज्ञ वार्ड और ऑपरेशन थियेटर में अपनी सेवाएं देने में व्यस्त रहे। इसके चलते दूरदराज के इलाकों से जांच करवाने पहुंचीं बीमार महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ओपीडी में बैठे एमबीबीएस प्रशिक्षु ने भले ही इन महिलाओं को उपचार के लिए दवाई लिख दी हो लेकिन जो उपचार एक विशेषज्ञ से मिलना था वह उपचार उन मरीजों को प्रशिक्षु से नहीं मिल पाया। गंभीर रूप से बीमार महिलाओं को प्रशिक्षुओं ने विशेषज्ञ से परामर्श लेकर दवाई लिखी। मेडिकल कॉलेज में पहली बार ऐसा नहीं हुआ है कि ओपीडी में विशेषज्ञ के बजाय एमबीबीएस प्रशिक्षु बैठा नजर आया हो।
इससे पहले भी ओपीडी में प्रशिक्षु मरीजों का इलाज करते हुए देखे जा चुके हैं।
तीमारदारों अशोक कुमार, हंसराज, कमल कुमार, महिंद्र सिंह, अजय कुमार और संजय कुमार ने बताया कि ओपीडी में कम से कम एक विशेषज्ञ जरूर होना चाहिए। उनकी मदद के लिए भले ही वहां एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को बैठाया जाए लेकिन मरीजों को अपने मर्ज की जांच और इलाज की सुविधा विशेषज्ञ से मिलनी चाहिए। कहा कि जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में जिले के विभिन्न इलाकों से बीमार महिलाएं अपने इलाज के लिए चंबा पहुंचती हैं इसलिए प्रबंधन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि ओपीडी में एक महिला विशेषज्ञ अवश्य उपलब्ध रहे। इसके लिए उन्होंने प्रबंधन और जिला प्रशासन से भी मांग की है।
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विशेषज्ञ ओटी और वार्ड में मरीजों का इलाज करने में व्यस्त थे। मरीजों की जांच के लिए ओपीडी में प्रशिक्षु को बैठाया गया था। भविष्य में ओपीडी में विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाएगी।
डॉ. पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा।
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ओपीडी में बैठे एमबीबीएस प्रशिक्षु ने भले ही इन महिलाओं को उपचार के लिए दवाई लिख दी हो लेकिन जो उपचार एक विशेषज्ञ से मिलना था वह उपचार उन मरीजों को प्रशिक्षु से नहीं मिल पाया। गंभीर रूप से बीमार महिलाओं को प्रशिक्षुओं ने विशेषज्ञ से परामर्श लेकर दवाई लिखी। मेडिकल कॉलेज में पहली बार ऐसा नहीं हुआ है कि ओपीडी में विशेषज्ञ के बजाय एमबीबीएस प्रशिक्षु बैठा नजर आया हो।
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इससे पहले भी ओपीडी में प्रशिक्षु मरीजों का इलाज करते हुए देखे जा चुके हैं।
तीमारदारों अशोक कुमार, हंसराज, कमल कुमार, महिंद्र सिंह, अजय कुमार और संजय कुमार ने बताया कि ओपीडी में कम से कम एक विशेषज्ञ जरूर होना चाहिए। उनकी मदद के लिए भले ही वहां एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को बैठाया जाए लेकिन मरीजों को अपने मर्ज की जांच और इलाज की सुविधा विशेषज्ञ से मिलनी चाहिए। कहा कि जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में महिला रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में जिले के विभिन्न इलाकों से बीमार महिलाएं अपने इलाज के लिए चंबा पहुंचती हैं इसलिए प्रबंधन को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि ओपीडी में एक महिला विशेषज्ञ अवश्य उपलब्ध रहे। इसके लिए उन्होंने प्रबंधन और जिला प्रशासन से भी मांग की है।
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विशेषज्ञ ओटी और वार्ड में मरीजों का इलाज करने में व्यस्त थे। मरीजों की जांच के लिए ओपीडी में प्रशिक्षु को बैठाया गया था। भविष्य में ओपीडी में विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाएगी।
डॉ. पंकज गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज चंबा।