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तेज तूफान चलने से बगढ़ार की खिरडीधार में बीएसएनएल का टावर टूटा
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बनीखेत(चंबा)। बगढ़ार की खिरडीधार में अंधड़ से बीएसएनएल का टावर टूट गया। इसकी वजह से सैकड़ों लोगों के मोबाइल फोन से बीएसएनएनएल, जियो और एयरटेल का सिगनल गुल हो गया। बीएसएनएल के टावर पर एयरटेल और जियो कंपनी ने अपना नेटवर्क चलाया था। ऐसे में टावर टूटने से एक दर्जन गांवों में रहने वाले लोगों के सिग्नल की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
यह क्षेत्र जेएंडके के साथ सटा है। ऐसे में जेएंडके का नेटवर्क लोगों के मोबाइल फोन पर आ जाता है। मगर नेटवर्क को इस्तेमाल करने पर रोमिंग लगती है। खिरड़ीधार में लगा मोबाइल टावर काफी समय से टूटने की कगार पर था।
मोबाइल टावर एक तरफ को झुक गया था। इसको लेकर अमर उजाला में खबर भी प्रकाशित हुई। खबर छपने के बाद बीएसएनएल ने टावर की रिपेयर की करवाई गई। मगर बुधवार को अंधड़ चलने से टावर अपना भार नहीं संभाल पाया और टूट गया।
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गनीमत रही जिस समय टावर टूटा उस समय यहां कोई मौजूद नहीं था। अन्यथा टावर में लगे लोहे के टुकड़ों की चपेट में आने से जानमाल का नुकसान हो सकता था। अकसर इस धार पर स्थानीय लोग मवेशियों को चराते हैं। मगर मौसम खराब होने की वजह से बुधवार को यहां कोई भी नहीं था।
दूर संचार विभाग के अधिकारी पवन डोगरा ने बताया कि टावर टूटने की सूचना मिली है। जल्द नए सिरे से टावर की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। इसको लेकर टावर लगाने वाले इंजीनियर को निर्देश दे दिए गए हैं।
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यह क्षेत्र जेएंडके के साथ सटा है। ऐसे में जेएंडके का नेटवर्क लोगों के मोबाइल फोन पर आ जाता है। मगर नेटवर्क को इस्तेमाल करने पर रोमिंग लगती है। खिरड़ीधार में लगा मोबाइल टावर काफी समय से टूटने की कगार पर था।
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मोबाइल टावर एक तरफ को झुक गया था। इसको लेकर अमर उजाला में खबर भी प्रकाशित हुई। खबर छपने के बाद बीएसएनएल ने टावर की रिपेयर की करवाई गई। मगर बुधवार को अंधड़ चलने से टावर अपना भार नहीं संभाल पाया और टूट गया।
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गनीमत रही जिस समय टावर टूटा उस समय यहां कोई मौजूद नहीं था। अन्यथा टावर में लगे लोहे के टुकड़ों की चपेट में आने से जानमाल का नुकसान हो सकता था। अकसर इस धार पर स्थानीय लोग मवेशियों को चराते हैं। मगर मौसम खराब होने की वजह से बुधवार को यहां कोई भी नहीं था।
दूर संचार विभाग के अधिकारी पवन डोगरा ने बताया कि टावर टूटने की सूचना मिली है। जल्द नए सिरे से टावर की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। इसको लेकर टावर लगाने वाले इंजीनियर को निर्देश दे दिए गए हैं।