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Chamba News: चार पंचायतों में मूसलाधार बारिश ने मक्की की फसल कर दी बर्बाद
Sat, 04 Jul 2026 10:26 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 04 Jul 2026 10:26 PM IST
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सीढ़ीदार खेतों में बहने लगा पानी का नाला, बीज समेत निकल आई फसल
खेतों में फसल की बर्बादी होते देख किसानों की आंखों से निकल आए आंसू
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। क्षेत्र की चार पंचायतों में मूसलाधार बारिश ने मक्की की फसल को बर्बाद कर दिया। शनिवार सुबह दो घंटे तक भारी बारिश हुई। सीढ़ीदार खेतों में पानी का नाला बहने लगा।
मक्की की फसल बीज समेत मिट्टी से बाहर निकल आई। खेतों में गड्ढे बन गए। किसानों की मेहनत बारिश के पानी के साथ बह गई। किसान अपनी आंखों के सामने मक्की की फसल को बर्बाद होते हुए देखते रह गए, वे चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
किसानों में नरेश कुमार, पवन कुमार, मान सिंह, केवल, हेमराज और सुनील कुमार ने बताया कि शनिवार को सुबह के समय आसमान से बारिश आफत बनकर बरसी। दो घंटे तक लगातार बारिश होती रही। किसानों ने यही सोचा कि अब उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। तेज हवा के झौंकों ने बारिश को रोकने का काम किया। हालांकि, दो घंटे की बारिश ने खेतों में मक्की की फसल 50 फीसदी बर्बाद कर दी। खेत दलदल बन गए। धूप खिलने के बाद ही किसान खेतों में बची फसल को सीधी करने का कार्य शुरू कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि किसानों को हुए नुकसान के बदले में आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि जल्द प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया जाएगा।
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खेतों में फसल की बर्बादी होते देख किसानों की आंखों से निकल आए आंसू
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। क्षेत्र की चार पंचायतों में मूसलाधार बारिश ने मक्की की फसल को बर्बाद कर दिया। शनिवार सुबह दो घंटे तक भारी बारिश हुई। सीढ़ीदार खेतों में पानी का नाला बहने लगा।
मक्की की फसल बीज समेत मिट्टी से बाहर निकल आई। खेतों में गड्ढे बन गए। किसानों की मेहनत बारिश के पानी के साथ बह गई। किसान अपनी आंखों के सामने मक्की की फसल को बर्बाद होते हुए देखते रह गए, वे चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
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किसानों में नरेश कुमार, पवन कुमार, मान सिंह, केवल, हेमराज और सुनील कुमार ने बताया कि शनिवार को सुबह के समय आसमान से बारिश आफत बनकर बरसी। दो घंटे तक लगातार बारिश होती रही। किसानों ने यही सोचा कि अब उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। तेज हवा के झौंकों ने बारिश को रोकने का काम किया। हालांकि, दो घंटे की बारिश ने खेतों में मक्की की फसल 50 फीसदी बर्बाद कर दी। खेत दलदल बन गए। धूप खिलने के बाद ही किसान खेतों में बची फसल को सीधी करने का कार्य शुरू कर पाएंगे। उन्होंने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि किसानों को हुए नुकसान के बदले में आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि जल्द प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया जाएगा।
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