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Chamba News: जिले के छह सिविल अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं
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चंबा। जिले के छह सिविल अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। विशेषज्ञों के पद खाली होने पर चुवाड़ी, भटियात, भरमौर, पांगी, चुराह और किहार क्षेत्र से बच्चों के उपचार के लिए अभिभावकों को 80 से 480 किलोमीटर का सफर तयकर मेडिकल कॉलेज चंबा, टांडा, पठानकोट या जम्मू पहुंचना पड़ रहा है। आलम यह है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना 60-120 शिशुओं को लेकर परिजन चेकअप करवाने के लिए पहुंचते हैं। शिशुओं की बीमारियों के हिसाब से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक उन्हें दाखिल किया जा रहा है। जिले के सिविल अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञों के पदों को भरने की ओर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है।
जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली होने से मरीजों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। बच्चों के बीमार हो जाने पर उन्हें निजी क्लीनिकों, मेडिकल कॉलेज चंबा या टांडा का रुख करना पड़ रहा है। -
नेक चंद
शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सचेत नहीं है। यही वजह है कि जिले के नागरिक अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त चल रहे हैं।
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-करुण कुमार
स्वास्थ्य संस्थान होने के बावजूद लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपचार के लिए लोगों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
-देशराज
सरकार और स्वास्थ्य विभाग को आकांक्षी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कदम उठाने की जरूरत है। यहां दूरदराज के इलाकों के लोगों को काफी परेशानी होती है।
-सुरजीत कुमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। सिविल अस्पताल भरमौर, चुवाड़ी, किहार, तीसा, डलहौजी और भटियात में शिशु रोग विशेषज्ञों के पद खाली हैं। शिशु रोग विशेषज्ञों के पदों को भरने के लिए प्रस्ताव बनाकर निदेशालय भेजा गया है। सरकार के आदेशानुसार ही शिशु रोग विशेषज्ञों के पदों को भरा जाएगा।
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जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली होने से मरीजों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। बच्चों के बीमार हो जाने पर उन्हें निजी क्लीनिकों, मेडिकल कॉलेज चंबा या टांडा का रुख करना पड़ रहा है। -
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नेक चंद
शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सचेत नहीं है। यही वजह है कि जिले के नागरिक अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ के पद रिक्त चल रहे हैं।
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-करुण कुमार
स्वास्थ्य संस्थान होने के बावजूद लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपचार के लिए लोगों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में मनमाने दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
-देशराज
सरकार और स्वास्थ्य विभाग को आकांक्षी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कदम उठाने की जरूरत है। यहां दूरदराज के इलाकों के लोगों को काफी परेशानी होती है।
-सुरजीत कुमार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। सिविल अस्पताल भरमौर, चुवाड़ी, किहार, तीसा, डलहौजी और भटियात में शिशु रोग विशेषज्ञों के पद खाली हैं। शिशु रोग विशेषज्ञों के पदों को भरने के लिए प्रस्ताव बनाकर निदेशालय भेजा गया है। सरकार के आदेशानुसार ही शिशु रोग विशेषज्ञों के पदों को भरा जाएगा।