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Chamba News: चंबा में ट्राॅमा केयर सेंटर की सुविधा नहीं, शिमला-टांडा की लग रही दौड़
Sat, 04 May 2024 10:17 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 04 May 2024 10:17 PM IST
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चंबा। आकांक्षी जिले के मरीजों को आज भी ट्रॉमा केयर सुविधा के लिए टांडा या शिमला की दौड़ लगानी पड़ रही है। अभी तक चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर नहीं खुल पाया है।
पूर्व की भाजपा सरकार ने चुनावी वर्ष में मेडिकल कॉलेज चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसका कार्य आज दिन तक शुरू नहीं हो पाया। इसके चलते लोग उस घोषणा को चुनावी घोषणा मानकर भूल चुके हैं। रोजाना जिला चंबा में कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है। इन दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को ट्रॉमा केयर सुविधा की जरूरत पड़ती है, लेकिन चंबा में यह सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को सीधे टांडा या शिमला रेफर कर दिया जाता है। हैरानी इस बात की है कि चंबा में मेडिकल कॉलेज खुले पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इस सेंटर को बनाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसको लेकर जिला के लोगों में भारी रोष है।
लोगों में जय सिंह, कमलेश कुमार, संजय शर्मा, विनोद कुमार, दीपक शर्मा और किशोर गुप्ता ने बताया कि चंबा भले ही आकांक्षी जिला की श्रेणी में शामिल है, लेकिन आकांक्षी जिले में जिस स्तर पर विकास के कार्य करवाए जाने चाहिए थे, उसके मुताबिक किसी भी सरकार ने यहां ऐसे कार्य नहीं करवाए हैं। हर वर्ष दर्जनों लोग विभिन्न दुर्घटनाओं में मारे जा रहे हैं। इसमें मुख्य कारण यह भी रहता है कि उन्हें ट्रॉमा केयर की सुविधा चंबा में नहीं मिल पाती। ऐसे में जिला के लोग सरकार व विभाग से यही मांग कर रहे हैं। कि चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर खोला जाए।
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मेडिकल कॉलेज के मीडिया समन्वयक डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकार ने सरोल में नए भवन के साथ क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर बजट स्वीकृत कर दिया है। इसका कार्य भी आरंभ हो चुका है। इस युनिट में ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं मरीजों को प्राप्त होंगी।
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पूर्व की भाजपा सरकार ने चुनावी वर्ष में मेडिकल कॉलेज चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसका कार्य आज दिन तक शुरू नहीं हो पाया। इसके चलते लोग उस घोषणा को चुनावी घोषणा मानकर भूल चुके हैं। रोजाना जिला चंबा में कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है। इन दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को ट्रॉमा केयर सुविधा की जरूरत पड़ती है, लेकिन चंबा में यह सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को सीधे टांडा या शिमला रेफर कर दिया जाता है। हैरानी इस बात की है कि चंबा में मेडिकल कॉलेज खुले पांच वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इस सेंटर को बनाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। इसको लेकर जिला के लोगों में भारी रोष है।
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लोगों में जय सिंह, कमलेश कुमार, संजय शर्मा, विनोद कुमार, दीपक शर्मा और किशोर गुप्ता ने बताया कि चंबा भले ही आकांक्षी जिला की श्रेणी में शामिल है, लेकिन आकांक्षी जिले में जिस स्तर पर विकास के कार्य करवाए जाने चाहिए थे, उसके मुताबिक किसी भी सरकार ने यहां ऐसे कार्य नहीं करवाए हैं। हर वर्ष दर्जनों लोग विभिन्न दुर्घटनाओं में मारे जा रहे हैं। इसमें मुख्य कारण यह भी रहता है कि उन्हें ट्रॉमा केयर की सुविधा चंबा में नहीं मिल पाती। ऐसे में जिला के लोग सरकार व विभाग से यही मांग कर रहे हैं। कि चंबा में ट्रॉमा केयर सेंटर खोला जाए।
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मेडिकल कॉलेज के मीडिया समन्वयक डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकार ने सरोल में नए भवन के साथ क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर बजट स्वीकृत कर दिया है। इसका कार्य भी आरंभ हो चुका है। इस युनिट में ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं मरीजों को प्राप्त होंगी।