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Chamba News: खिलग्रां से भुनाड़ मार्ग पर पड़े गडढ़े, डंगे और क्रैश बैरियर भी नहीं
Wed, 17 Apr 2024 10:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Apr 2024 10:09 PM IST
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खिलग्रां से भुनाड़ मार्ग पर पड़े गडढ़े, डंगे और क्रैश बैरियर भी नहीं
खैरी-भुनाड़ मार्ग पर तीन किलोमीटर लंबी सड़क अपनी बदहाली के बहा रही है आंसू
जगह-जगह पड़े गड्ढे, लोग बोले- जल्द बिछाया जाए सड़क पर तारकोल
संवाद न्यूज एजेंसी
बाथरी (चंबा)। खिलग्रां गांव से भुनाड़ तक 3 किलोमीटर लंबा खैरी-भुनाड़ मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लंबे समय से इस मार्ग पर तारकोल नहीं बिछाया गया है। सड़क किनारे डंगों का अभाव होने के साथ क्रैश बैरियरों का भी नामोनिशान नहीं हैं। इस वजह से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक रोजाना इस मार्ग से सरकारी और निजी वाहनों की आवाजाही रहती है। लोगों का खैरी-समलेऊ भी आना-जाना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों को खस्ताहाल मार्ग से होकर आवाजाही करते वक्त हिचकोले खाने पड़ते हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां स्टील के क्रैश बैरियर तक नहीं लगाए जा सके हैं। लिहाजा, कई बार खस्ताहाल मार्ग की दशा को सुधारने को लेकर भी ग्रामीण आवाज उठा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर मार्ग की सुध लेने की मांग लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से उठाई है।
ग्रामीणों में अमित कुमार, संजीव कुमार, किशन चंद, दलीप कुमार, राकेश कुमार और प्रमोद कुमार ने बताया कि खैरी-भुनाड़ मार्ग के खिलग्रां गांव से भुनाड़ तक मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। मार्ग पर कई जगह डंगों और क्रैश बैरियर का नामोनिशान नहीं है। बारिश के दिनों में गड्ढों का अनुमान लगाना वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
बताया कि भुनाड़ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सरकारी अस्पताल समेत अन्य सरकारी कार्यालय हैं। यहां लोगों का आना-जाना रहता है। दूध विक्रेताओं का रोज समलेऊ में आना-जाना रहता है। लोगों ने उक्त मार्ग की दशा को सुधारने, सड़क किनारे डंगे और स्टील के क्रैश बैरियर लगाने की मांग उठाई है।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल ने बताया कि मार्ग के दो बार टेंडर करवाए गए हैं, लेकिन आचार संहिता के चलते ये कार्य अवार्ड नहीं किया गया है। बताया कि आचार संहिता हटने के बाद टेंडर आवंटित करवा कर मार्ग को चकाचक करवा दिया जाएगा।
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खैरी-भुनाड़ मार्ग पर तीन किलोमीटर लंबी सड़क अपनी बदहाली के बहा रही है आंसू
जगह-जगह पड़े गड्ढे, लोग बोले- जल्द बिछाया जाए सड़क पर तारकोल
संवाद न्यूज एजेंसी
बाथरी (चंबा)। खिलग्रां गांव से भुनाड़ तक 3 किलोमीटर लंबा खैरी-भुनाड़ मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लंबे समय से इस मार्ग पर तारकोल नहीं बिछाया गया है। सड़क किनारे डंगों का अभाव होने के साथ क्रैश बैरियरों का भी नामोनिशान नहीं हैं। इस वजह से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक रोजाना इस मार्ग से सरकारी और निजी वाहनों की आवाजाही रहती है। लोगों का खैरी-समलेऊ भी आना-जाना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों को खस्ताहाल मार्ग से होकर आवाजाही करते वक्त हिचकोले खाने पड़ते हैं। साथ ही किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यहां स्टील के क्रैश बैरियर तक नहीं लगाए जा सके हैं। लिहाजा, कई बार खस्ताहाल मार्ग की दशा को सुधारने को लेकर भी ग्रामीण आवाज उठा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर मार्ग की सुध लेने की मांग लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से उठाई है।
ग्रामीणों में अमित कुमार, संजीव कुमार, किशन चंद, दलीप कुमार, राकेश कुमार और प्रमोद कुमार ने बताया कि खैरी-भुनाड़ मार्ग के खिलग्रां गांव से भुनाड़ तक मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। मार्ग पर कई जगह डंगों और क्रैश बैरियर का नामोनिशान नहीं है। बारिश के दिनों में गड्ढों का अनुमान लगाना वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
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बताया कि भुनाड़ में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सरकारी अस्पताल समेत अन्य सरकारी कार्यालय हैं। यहां लोगों का आना-जाना रहता है। दूध विक्रेताओं का रोज समलेऊ में आना-जाना रहता है। लोगों ने उक्त मार्ग की दशा को सुधारने, सड़क किनारे डंगे और स्टील के क्रैश बैरियर लगाने की मांग उठाई है।
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उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल ने बताया कि मार्ग के दो बार टेंडर करवाए गए हैं, लेकिन आचार संहिता के चलते ये कार्य अवार्ड नहीं किया गया है। बताया कि आचार संहिता हटने के बाद टेंडर आवंटित करवा कर मार्ग को चकाचक करवा दिया जाएगा।