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Chamba News: ‘संसारी नाला किलाड़-थिरोट मार्ग हो चौड़ा’
Wed, 04 Dec 2024 11:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:11 AM IST
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चंबा। संसारी नाला किलाड़-थिरोट मार्ग को चौड़ा और पक्का करने को लेकर पंगवाल एकता मंच पांगी ने मांग उठाई है। मंच का एक प्रतिनिधिमंडल मनाली में बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर राजीव कुमार से मिला। उन्होंने इस मामले पर विस्तार से विचार-विर्मश किया। चीफ इंजीनियर ने आश्वस्त किया कि इस प्रस्ताव को देखा जा रहा है।चीफ इंजीनियर ने बताया कि उदयपुर से मडगांव तक का कार्य 20 दिसंबर तक पूरा कर दिया जाएगा। यदि बर्फबारी नहीं होती है तो तांदी से उदयपुर की तरफ दो किलोमीटर पैच को भी ब्लैक टॉप 20 दिसंबर तक कर दिया जाएगा। इसी प्रकार से डक्की को भी ब्लैक टॉप करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
अगले वर्ष 2025 में उदयपुर से तांदी और पुर्थी से किलाड़ तक इस रोड को फिलहाल ब्लैक टॉप कर दिया जाएगा और क्रैश बैरियर भी स्थापित किए जा रहे हैं। जिसका कार्य निरंतर जारी हैं। वाल एकता मंच पांगी के चेयरमैन त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि उन्होंने द्रम्मण-सिहुंता-चुवाड़ी-जोत-चंबा-कोटी-तीसा-किलाड़, जो कि मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट और नेशनल हाईवे ने वर्ष 2016 में सैद्धांतिक तौर पर नेशनल हाईवे घोषित किया है। इस प्रोजेक्ट को भी बीआरओ अपने अधीन करने को लेकर आग्रह किया गया। द्रम्मण-पठानकोट के पास लगता क्षेत्र है और यहां से सेना का काफिला जम्मू कश्मीर लद्दाख को वाया मंडी कुल्लू अटल टनल से होकर गुजरता है। यदि ये नेशनल हाईवे सीमा सड़क संगठन अपने अधीन लेता है और चेहनी पास सुरंग परियोजना का निर्माण होता है तो सेना के लिए सबसे शार्टकट और सुरक्षित रूट होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस प्रस्ताव को देखा जा रहा है।
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अगले वर्ष 2025 में उदयपुर से तांदी और पुर्थी से किलाड़ तक इस रोड को फिलहाल ब्लैक टॉप कर दिया जाएगा और क्रैश बैरियर भी स्थापित किए जा रहे हैं। जिसका कार्य निरंतर जारी हैं। वाल एकता मंच पांगी के चेयरमैन त्रिलोक ठाकुर ने बताया कि उन्होंने द्रम्मण-सिहुंता-चुवाड़ी-जोत-चंबा-कोटी-तीसा-किलाड़, जो कि मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट और नेशनल हाईवे ने वर्ष 2016 में सैद्धांतिक तौर पर नेशनल हाईवे घोषित किया है। इस प्रोजेक्ट को भी बीआरओ अपने अधीन करने को लेकर आग्रह किया गया। द्रम्मण-पठानकोट के पास लगता क्षेत्र है और यहां से सेना का काफिला जम्मू कश्मीर लद्दाख को वाया मंडी कुल्लू अटल टनल से होकर गुजरता है। यदि ये नेशनल हाईवे सीमा सड़क संगठन अपने अधीन लेता है और चेहनी पास सुरंग परियोजना का निर्माण होता है तो सेना के लिए सबसे शार्टकट और सुरक्षित रूट होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस प्रस्ताव को देखा जा रहा है।
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